लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के अधिकांश जिले कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं। मौसम विभाग (IMD) ने ताजा अपडेट जारी करते हुए राज्य के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में ठिठुरन और बढ़ने की संभावना है।
फतेहपुर रहा सबसे ठंडा, 2 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
यूपी के कई जिलों में पारा गिरने से रिकॉर्ड टूट रहे हैं। पछुआ हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में गलन काफी बढ़ गई है।
फतेहपुर: यहाँ न्यूनतम तापमान -0.4°C दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
कानपुर और आगरा: यहाँ भी तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
लखनऊ: राजधानी में न्यूनतम तापमान 5.6°C के आसपास रिकॉर्ड किया गया है, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) से बारिश का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 15 जनवरी से 18 जनवरी के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
“पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई वाले इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है। इससे दिन के तापमान में भारी गिरावट आएगी और ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी रहेगी।”
घने कोहरे से विजिबिलिटी शून्य
वाराणसी, प्रयागराज, बरेली और मुरादाबाद जैसे शहरों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। कई जगहों पर दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ और लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं।
प्रशासन की तैयारी और सावधानी
ठंड के प्रकोप को देखते हुए कई जिलों में आठवीं तक के स्कूलों को बंद रखने या समय बदलने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है।