पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार (13 जनवरी 2026) को हुई कैबिनेट बैठक में बिहार के विकास और बुनियादी ढांचे को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और निवेश से जुड़े कुल 43 एजेंडे पास हुए।
मुख्य आकर्षण: मुंबई में अपना ‘बिहार भवन’
बिहार सरकार अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अपना ‘बिहार भवन’ बनाएगी।
लागत: इसके निर्माण पर करीब 314 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
फायदा: इससे मुंबई में इलाज कराने जाने वाले बिहार के मरीजों, छात्रों और प्रवासियों को ठहरने के लिए एक सुरक्षित और सस्ता स्थान मिल सकेगा। दिल्ली के बाद यह किसी महानगर में बिहार का दूसरा बड़ा प्रशासनिक और आवासीय भवन होगा।
रोजगार और निवेश पर फोकस
कृषि विभाग में भर्तियां: कैबिनेट ने कृषि विभाग के तहत 694 नए पदों के सृजन और पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसमें ‘पौध संरक्षण पर्यवेक्षक’ और ‘निरीक्षक’ के पद शामिल हैं।
निवेश प्रोत्साहन: राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियों और निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है, जिससे आने वाले समय में निजी क्षेत्र में हजारों नौकरियां पैदा होंगी।
- अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
- पटना में बिजली का कायाकल्प: पटना शहर में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए 653 करोड़ रुपये की लागत से अंडरग्राउंड केबलिंग (भूमिगत बिजली के तार) की परियोजना को मंजूरी मिली।
- सोन नदी जल विवाद सुलझा: बिहार और झारखंड के बीच पिछले 53 वर्षों से लंबित सोन नदी जल बंटवारे के समझौते को कैबिनेट ने औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इससे दक्षिण बिहार के 8 जिलों (भोजपुर, बक्सर, रोहतास आदि) में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी।
- शिक्षा में आधुनिकता: ‘पीएम श्री योजना’ के तहत 789 स्कूलों के विकास के लिए 14 अरब 85 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
- सिख समुदाय के लिए नियम: बैठक में ‘बिहार आनंद कारज विवाह निबंधन नियमावली 2025’ को भी मंजूरी दी गई।