कानपुर: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 से पहले कानपुर जिला प्रशासन ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए कमर कस ली है। जिले में 5.17 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके दस्तावेजों का अब आधार कार्ड के जरिए भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाएगा।
खबर के मुख्य बिंदु: डुप्लीकेट वोटरों की पहचान: निर्वाचन विभाग ने तकनीकी जांच और एआई (AI) की मदद से जिले के विभिन्न ब्लॉकों में ऐसे मतदाताओं को चिन्हित किया है, जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर या फर्जी तरीके से दर्ज है।
सत्यापन की प्रक्रिया: बीएलओ (BLO) अब घर-घर जाकर इन 5.17 लाख मतदाताओं के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की जांच करेंगे। यदि सत्यापन में नाम गलत पाया जाता है या मतदाता उस स्थान पर नहीं मिलता, तो उसका नाम सूची से काट दिया जाएगा।
समय सीमा: राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, यह सत्यापन प्रक्रिया 20 फरवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद 28 मार्च को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
ब्लॉकवार स्थिति: सबसे अधिक डुप्लीकेट मतदाता घाटमपुर (67,130), बिधनू (60,858) और बिल्हौर (59,565) जैसे क्षेत्रों में पाए गए हैं।क्यों जरूरी है यह कदम?पंचायत चुनावों में अक्सर एक-एक वोट की कीमत बहुत अधिक होती है। फर्जी मतदान और डुप्लीकेट नामों के कारण अक्सर चुनावी परिणाम प्रभावित होते हैं। आधार से लिंक करने और भौतिक सत्यापन करने से “एक व्यक्ति-एक वोट” का सिद्धांत सुनिश्चित होगा।
क्यों जरूरी है यह कदम?
पंचायत चुनावों में अक्सर एक-एक वोट की कीमत बहुत अधिक होती है। फर्जी मतदान और डुप्लीकेट नामों के कारण अक्सर चुनावी परिणाम प्रभावित होते हैं। आधार से लिंक करने और भौतिक सत्यापन करने से “एक व्यक्ति-एक वोट” का सिद्धांत सुनिश्चित होगा।