पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का अलर्ट: जानें कैसे फैलती है ये घातक बीमारी और क्या हैं बचाव के उपाय?

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। ये मामले एम्स (AIIMS) कल्याणी की प्रयोगशाला में पाए गए हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने तुरंत एक विशेषज्ञ टीम (National Joint Outbreak Response Team) को बंगाल रवाना कर दिया है।

खबर के मुख्य तथ्य:
संदिग्ध मरीज: रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में दो स्वास्थ्यकर्मी (नर्स) इस वायरस की चपेट में आए हैं। दोनों की हालत ‘बेहद गंभीर’ बताई जा रही है।

केंद्र का रुख: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

इतिहास: पश्चिम बंगाल में लगभग 25 साल बाद (2001 सिलीगुड़ी आउटब्रेक के बाद) निपाह की इस तरह की आहट सुनाई दी है।

निपाह वायरस: आपके हर सवाल का जवाब

  1. निपाह वायरस क्या है?
    यह एक ‘जूनोटिक’ वायरस है, जो जानवरों (मुख्य रूप से फ्रूट बैट्स यानी फल खाने वाले चमगादड़) से इंसानों में फैलता है। यह इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है।
  2. यह कैसे फैलता है?
    चमगादड़ द्वारा जूठे किए गए फलों (जैसे खजूर का रस या गिरे हुए फल) को खाने से।

संक्रमित सूअरों के संपर्क में आने से।

संक्रमित व्यक्ति के लार या छींक के संपर्क में आने से।

  1. इसके मुख्य लक्षण क्या हैं?
    अचानक तेज बुखार और सिरदर्द।

मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी।

सांस लेने में तकलीफ (Respiratory illness)।

दिमागी सूजन (Encephalitis), जिससे चक्कर आना या कोमा में जाने की स्थिति बन सकती है।

  1. बचाव के उपाय क्या हैं?
    पेड़ों से गिरे फल न खाएं: खास तौर पर वे फल जिन पर दांतों के निशान हों।

खजूर का कच्चा रस न पिएं: इसे अच्छी तरह उबालकर ही इस्तेमाल करें।

सावधानी: बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखें और मास्क का प्रयोग करें।