ईरान में कोहराम: हिंसा में अब तक 648 की मौत, 10 हजार से ज्यादा हिरासत में, कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन जारी

तेहरान : ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों से जारी इस उग्र आंदोलन में अब तक 648 लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन की सख्त घेराबंदी और लाठीचार्ज के बीच 10,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्य अपडेट्स:
हताहतों की संख्या: नॉर्वे स्थित संस्था ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ (IHR) ने पुष्टि की है कि मरने वालों में कम से कम 9 नाबालिग भी शामिल हैं। हालांकि, कुछ अपुष्ट रिपोर्टों में यह संख्या 2,000 से लेकर 6,000 तक होने की आशंका जताई जा रही है।

इंटरनेट पर पाबंदी: ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने और सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए देश के कई हिस्सों में इंटरनेट और फोन कॉल सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

हिंसक झड़पें: तेहरान, शिराज और रश्त जैसे प्रमुख शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच सीधी भिड़ंत की खबरें हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेहरान के मुर्दाघरों के बाहर शवों के ढेर और बिलखते परिजन देखे जा सकते हैं।

वैश्विक प्रतिक्रिया: अमेरिका और यूरोपीय संघ ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए दबाव बढ़ा दिया है।

क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
शुरुआत में ये प्रदर्शन महंगाई और गिरती करेंसी (आर्थिक तंगी) के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन देखते ही देखते इन्होंने शासन बदलने और मानवाधिकारों की मांग वाले एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले लिया है।