कानपुर में ‘किन्नर कुंभ’: अखिल भारतीय किन्नर 11 दिवसीय सम्मेलन शुरू, 3000 से ज्यादा किन्नरों ने निकाली रथयात्रा।

कानपुर में 'किन्नर कुंभ

कानपुर : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों किन्नर समाज के राष्ट्रीय सम्मेलनों (अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन) की धूम है। कानपुर के अर्रा रोड स्थित शकुंतला लॉन से लेकर भदोही के औराई तक, हर जगह किन्नरों का जमावड़ा लगा हुआ है। इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक और असम से लेकर गुजरात तक के हर कोने से किन्नर प्रतिनिधि शामिल होने पहुंचे हैं।

शाही बारात और कलश यात्रा
कानपुर में आयोजित सम्मेलन के दौरान एक भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसने ‘शाही बारात’ का रूप ले लिया। भारी गहनों और रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे किन्नरों को देखने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान किन्नरों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और लोगों को अपना आशीर्वाद दिया।

मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना
यह आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं है। हापुड़ और भदोही में किन्नर समाज ने कलश यात्रा निकालकर स्थानीय मंदिरों (जैसे नव दुर्गा मंदिर और शिव मंदिर) में पूजा-अर्चना की। कई जगह किन्नरों ने मंदिरों में चांदी के मुकुट और पीतल के घंटे दान किए। किन्नर गुरुओं का कहना है कि वे हर साल एक जगह एकत्रित होकर अपने जजमानों और पूरे देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं।

प्रयागराज में ‘सनातनी किन्नर अखाड़ा’
संगम नगरी प्रयागराज में शुरू हो रहे माघ मेला 2026 में इस बार नजारा बेहद खास होने वाला है। पहली बार ‘सनातनी किन्नर अखाड़ा’ अपना विधिवत शिविर स्थापित कर रहा है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी (टीना मां) के नेतृत्व में किन्नर समाज यहाँ सनातन धर्म की मजबूती और सामाजिक समरसता का संदेश देगा।

एकता का संदेश
सम्मेलन में आए किन्नरों ने बताया कि यह आयोजन उनकी अपनी ‘पंचायत’ की तरह होता है, जहाँ वे अपने समाज के मुद्दों पर चर्चा करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से परिचित कराते हैं। जिस रास्ते से भी ये यात्राएं गुजर रही हैं, वहां लोग फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत कर रहे हैं।

माघ मेले में किन्नर अखाड़े की विशेष मौजूदगी यह वीडियो प्रयागराज के माघ मेला 2026 में सनातनी किन्नर अखाड़े की तैयारियों और उनकी आध्यात्मिक उपस्थिति को विस्तार से दिखाता है।