उन्नाव केस: कुलदीप सेंगर के समर्थन में जंतर-मंतर पर ‘न्याय महापंचायत’, समाज ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

उन्नाव केस: कुलदीप सेंगर

नई दिल्ली: उन्नाव दुष्कर्म मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ है। क्षत्रिय समाज के विभिन्न संगठनों ने एक स्वर में सेंगर को “राजनीतिक साजिश का शिकार” बताते हुए उनके लिए न्याय की मांग की है।

‘न्याय महापंचायत’ की प्रमुख मांगें
जंतर-मंतर पर जुटे समाज के लोगों और समर्थकों ने दावा किया कि कुलदीप सेंगर को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। महापंचायत के दौरान समर्थकों ने निम्नलिखित मांगें रखीं:

मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच: समर्थकों का कहना है कि तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के दबाव में जांच प्रभावित हुई थी, इसलिए मामले की नए सिरे से जांच होनी चाहिए।

षड्यंत्र का आरोप: वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने सेंगर की बढ़ती लोकप्रियता को रोकने के लिए उन्हें इस मामले में घसीटा।

जल्द रिहाई की अपील: महापंचायत में शामिल लोगों ने राष्ट्रपति और गृह मंत्रालय को संबोधित ज्ञापन सौंपने की बात कही।

आंदोलन की चेतावनी
महापंचायत को संबोधित करते हुए सामाजिक नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और न्यायपालिका ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा।

उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन: समर्थकों ने कहा कि वे यूपी के हर जिले में जाकर जन-जागरण करेंगे।

अदालती कार्रवाई: समर्थकों का एक दल कानूनी विशेषज्ञों के माध्यम से ऊपरी अदालत में नए साक्ष्यों के साथ अपील करने की तैयारी कर रहा है।

क्या है उन्नाव मामला?
ज्ञात हो कि साल 2017 में एक नाबालिग लड़की ने कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। लंबे घटनाक्रम और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद:

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दिसंबर 2019 में सेंगर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

कोर्ट ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी।