अयोध्या: उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या एक बार फिर चर्चा में है। हनुमानगढ़ी के प्रसिद्ध महंत राजू दास ने अयोध्या में गैर-हिंदुओं, विशेषकर मुसलमानों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की मांग उठाई है। महंत का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि एक व्यक्ति ने राम जन्मभूमि परिसर के पास नमाज पढ़ी है।
“अयोध्या को मक्का-मदीना की तरह सुरक्षित करें”
महंत राजू दास ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जिस तरह मक्का और मदीना में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है, उसी तरह अयोध्या को भी हिंदुओं के लिए विशेष रूप से आरक्षित किया जाना चाहिए।
सुरक्षा पर सवाल: महंत ने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर की सुरक्षा सर्वोपरि है। अगर कोई वहां आकर ऐसी हरकत करता है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था और हिंदू भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
प्रशासन से मांग: उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन से मांग की है कि राम जन्मभूमि के आसपास के क्षेत्र में केवल सनातन धर्म को मानने वालों को ही अनुमति दी जाए।
नमाज विवाद की असलियत
सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि मंदिर परिसर के भीतर नमाज पढ़ी गई है, हालांकि अयोध्या पुलिस ने तत्काल इस पर सफाई दी है:
पुलिस का खंडन: अयोध्या पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो मंदिर परिसर के अंदर का नहीं है।
जांच जारी: पुलिस ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है और ऐसी कोई भी घटना राम मंदिर के मुख्य क्षेत्र में नहीं हुई है। भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है।
विपक्ष और मुस्लिम धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया
महंत के इस बयान पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ हिंदू संगठनों ने महंत का समर्थन किया है, वहीं विपक्षी नेताओं का कहना है कि अयोध्या सबकी है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वहां शांति और सद्भाव का माहौल रहना चाहिए। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इसे भाईचारे को नुकसान पहुँचाने वाला बयान करार दिया है।
महंत राजू दास का रुख: “हम अपनी आस्था और मंदिर की मर्यादा के साथ समझौता नहीं करेंगे। अगर प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाता है, तो संत समाज बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।”