असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान: “जब तक मुसलमान सिर्फ ‘वोटर’ रहेगा, घर गिरते रहेंगे; अब ‘लीडर’ बनने का समय”

असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान

हैदराबाद : एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए एक विवादित और तीखा बयान दिया है। ओवैसी ने कहा कि जब तक मुसलमान केवल अन्य पार्टियों के लिए ‘वोट बैंक’ बना रहेगा, तब तक उनके घरों पर बुलडोजर चलता रहेगा। उन्होंने इसका एकमात्र समाधान ‘राजनीतिक नेतृत्व’ बताया है।

“किरायेदार नहीं, हिस्सेदार बनो”
एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुसलमान दशकों से धर्मनिरपेक्षता (Secularism) के नाम पर दूसरी पार्टियों को वोट देते आए हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल ‘धोखा’ मिला है।

वोटर बनाम लीडर: ओवैसी ने कहा, “जब तक आप सिर्फ वोटर बने रहेंगे, आपकी कोई अहमियत नहीं होगी। जिस दिन आप लीडर (नेता) पैदा करेंगे और अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएंगे, उस दिन किसी की हिम्मत नहीं होगी कि आपके घर पर बुलडोजर चला सके।”

बुलडोजर कार्रवाई पर प्रहार: उन्होंने आरोप लगाया कि चुनिंदा तरीके से एक समुदाय विशेष के घरों को निशाना बनाया जा रहा है, जो कि कानून के शासन के खिलाफ है।

ओवैसी ने क्या बताया समाधान?
ओवैसी ने समुदाय को एकजुट होने और अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने का आह्वान किया। उन्होंने “रोकने का उपाय” बताते हुए कहा:

स्वतंत्र नेतृत्व: किसी दूसरी पार्टी के रहमोकरम पर रहने के बजाय अपना खुद का राजनीतिक मंच मजबूत करें।

कानूनी लड़ाई और एकजुटता: बुलडोजर जैसी कार्रवाइयों के खिलाफ कानूनी तौर पर लड़ें, लेकिन संसद और विधानसभाओं में अपनी आवाज भेजने के लिए खुद के प्रतिनिधि चुनें।

वोट की कीमत समझें: ओवैसी के अनुसार, जब तक मुसलमानों का अपना कोई मजबूत नेतृत्व नहीं होगा, तब तक पार्टियां उन्हें केवल चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल करती रहेंगी।

विपक्ष पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने तथाकथित ‘धर्मनिरपेक्ष’ दलों (सपा, कांग्रेस, आरजेडी) पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब मुसलमानों के घर गिराए जाते हैं, तो ये पार्टियां खामोश रहती हैं या केवल ट्वीट करके अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ लेती हैं।