हैदराबाद : चुनावी सरगर्मियों के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी दोनों को कटघरे में खड़ा किया है। ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया कि उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे मुस्लिम युवाओं के आज जेल में होने के पीछे असली जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है।
UAPA कानून को लेकर घेरा
ओवैसी ने अपने भाषण में तर्क दिया कि जिस UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) कानून के तहत इन युवाओं की गिरफ्तारी हुई है, उस कानून को सख्त बनाने और उसमें कड़े संशोधन करने में कांग्रेस ने बीजेपी का साथ दिया था।
ओवैसी के बयान के मुख्य बिंदु:
संसद का हवाला: ओवैसी ने कहा, “जब संसद में UAPA को और अधिक खतरनाक बनाने वाला संशोधन लाया गया था, तब कांग्रेस ने मेज थपथपाकर बीजेपी का समर्थन किया था। आज उसी कानून का इस्तेमाल मुस्लिम नौजवानों को सालों तक जेल में रखने के लिए हो रहा है।”
कांग्रेस का ‘दोहरा चेहरा’: उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बाहर तो धर्मनिरपेक्षता की बात करती है, लेकिन संसद के भीतर ऐसे कानूनों को पारित कराने में मदद करती है जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ इस्तेमाल होते हैं।
उमर खालिद और शरजील का जिक्र: ओवैसी ने सवाल उठाया कि जो कांग्रेस आज न्याय की बात कर रही है, वह उमर खालिद और शरजील इमाम की जेल पर खामोश क्यों है?
विपक्ष की चुप्पी पर उठाए सवाल
ओवैसी ने केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के बड़े नेता जेल जाने के डर से मुसलमानों के मुद्दों पर बोलने से कतराते हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अब ‘वोट बैंक’ की राजनीति को समझें और अपने हक के लिए आवाज उठाने वालों को पहचानें।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
ओवैसी के इस तीखे प्रहार के बाद अभी तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी का यह बयान आने वाले चुनावों में मुस्लिम मतों के ध्रुवीकरण की एक बड़ी कोशिश है।
पृष्ठभूमि: उमर खालिद और शरजील इमाम का मामला
बता दें कि जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ी कथित ‘बड़ी साजिश’ के मामले में जेल में बंद हैं। उन पर UAPA के तहत मामले दर्ज हैं और लंबे समय से उनकी जमानत याचिकाएं अदालतों में लंबित हैं।