बिहार के स्कूल में शर्मनाक खेल: क्लासरूम बना ‘फिश रेस्टोरेंट’, गुरुजी उड़ा रहे मछली और बच्चे धो रहे बर्तन

पटना : बिहार की शिक्षा व्यवस्था से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने गुरु-शिष्य की परंपरा को तार-तार कर दिया है। वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस क्लासरूम में बच्चों के हाथ में कलम और किताब होनी चाहिए थी, वहां शिक्षक बैठकर मछली-चावल की दावत उड़ा रहे हैं और मासूम बच्चे उनके झूठे बर्तन धोते नजर आ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
यह घटना बिहार के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि स्कूल के ही एक कमरे को अस्थाई रसोई और डाइनिंग हॉल बना दिया गया है।

  • मिड-डे मील का दुरुपयोग: आरोप है कि बच्चों के लिए आने वाले मिड-डे मील के संसाधनों का इस्तेमाल शिक्षकों की व्यक्तिगत पार्टी के लिए किया गया।
  • बच्चों से मजदूरी: वीडियो का सबसे विचलित करने वाला हिस्सा वह है, जिसमें स्कूल की ड्रेस पहने छोटे बच्चे चापाकल पर बैठकर उन थालियों को रगड़कर साफ कर रहे हैं, जिनमें शिक्षकों ने मछली खाई थी।
  • क्लासरूम में ‘पार्टी’: डेस्क और बेंचों का इस्तेमाल खाने की टेबल के रूप में किया जा रहा है, जबकि बच्चे पढ़ाई छोड़कर सेवा में लगे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। लोगों ने ‘गुरुजी’ की इस हरकत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

  • “यह स्कूल है या कोई ढाबा? अगर शिक्षक ही बच्चों को पढ़ाई की जगह बर्तन धोने पर लगाएंगे, तो बिहार का भविष्य कैसे बदलेगा?” — एक सोशल मीडिया यूजर की टिप्पणी।

प्रशासन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार:

संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक और दावत में शामिल शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन (Suspension) की तैयारी की जा रही है।

बाल श्रम निषेध कानून के उल्लंघन के तहत भी जांच की जा रही है क्योंकि बच्चों से जबरन काम कराया गया।