‘अगर मुझ पर हमला होता है, तो मेरा पुनर्जन्म होता है’: आई-पीएसी छापेमारी के बाद ममता बनर्जी का धमाकेदार बयान

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। चुनाव रणनीतिकार संस्था I-PAC के दफ्तर और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखे तेवर अपनाए हैं। कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का आरोप लगाया।

“घायल बाघ ज्यादा खतरनाक होता है”
रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “अगर कोई मुझ पर हमला करता है, तो मेरा पुनर्जन्म होता है। कल (छापेमारी का दिन) मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा ही था। भाजपा को याद रखना चाहिए कि एक घायल बाघ स्वस्थ बाघ से कहीं अधिक खतरनाक होता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे छापेमारी वाली जगह पर मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष के रूप में गई थीं ताकि अपनी पार्टी के डेटा और रणनीतियों की रक्षा कर सकें।

  • खबर के मुख्य बिंदु:
  • डेटा चोरी का आरोप: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED का मकसद भ्रष्टाचार की जांच करना नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव (2026) के लिए TMC की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों की लिस्ट और महत्वपूर्ण डेटा चुराना था।

अमित शाह पर निशाना: मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘नया और शरारती’ (Nastiest) गृह मंत्री करार दिया और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्षी दलों को डराने के लिए किया जा रहा है।

सेल्फ डिफेंस का तर्क: छापेमारी के दौरान मौके पर पहुँचने के अपने फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, “अगर कोई मेरी पार्टी का डेटा चुराने आता है, तो क्या मुझे आत्मरक्षा का अधिकार नहीं है?”

I-PAC और ED का टकराव
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ED ने कथित कोयला घोटाले (Coal Scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता और दिल्ली में I-PAC से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की। ED का दावा है कि ममता बनर्जी ने छापेमारी की प्रक्रिया में बाधा डाली और महत्वपूर्ण साक्ष्य (हार्ड डिस्क और दस्तावेज) अपने साथ ले गईं। दूसरी ओर, I-PAC प्रमुख के परिवार ने ED के खिलाफ ‘दस्तावेज चोरी’ की पुलिस शिकायत दर्ज कराई है।

2026 की चुनावी जंग की आहट
ममता बनर्जी ने इस घटनाक्रम को 2026 के विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा बंगाल को डराकर जीतना चाहती है, लेकिन बंगाल की जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने घोषणा की कि TMC का अगला गंतव्य दिल्ली होगा, जहां वे चुनाव आयोग के सामने अपना विरोध दर्ज कराएंगे।