ईरान में कोहराम: सुप्रीम लीडर के आदेश के बाद भारी हिंसा, 217 से अधिक लोगों की मौतों

ईरान : ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन अब 13वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से बेहद बढ़ती महंगाई, रियाल की तेज गिरावट, बिजली-पानी की कटौती और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अब ये शासन विरोधी बन चुके हैं। लोग सड़कों पर उतरकर “डेथ टू खामेनेई” (खामेनेई मुर्दाबाद) और “डेथ टू द डिक्टेटर” जैसे नारे लगा रहे हैं, साथ ही पूर्व शाह के बेटे रेजा पहलवी का समर्थन भी कर रहे हैं।

मौतों का आंकड़ा और हिंसा
तेहरान के एक डॉक्टर (जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की) ने TIME मैगज़ीन को बताया कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में अब तक कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से ज्यादातर मौतें लाइव गोलीबारी (live ammunition) से हुई हैं।

  • अब तक 28 से 62 तक मौतें दर्ज की गई हैं (विभिन्न रिपोर्ट्स में अंतर है)।
  • कई बच्चे और आम नागरिक भी शामिल हैं।
  • सुरक्षा बलों (पुलिस और IRGC) ने टियर गैस, पेलेट गन्स और लाइव फायर का इस्तेमाल किया है।

217 का आंकड़ा मुख्य रूप से तेहरान के अस्पतालों पर आधारित है और कुल देशव्यापी मौतों से ज्यादा हो सकता है, क्योंकि प्रदर्शन पूरे ईरान (31 प्रांतों) में फैल चुके हैं।

सुप्रीम लीडर खामेनेई की भूमिका

सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने हाल ही में टीवी पर भाषण दिया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को “वैंडल्स” (उपद्रवी) और “विदेशी ताकतों” (खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) के इशारे पर काम करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि “सरकार पीछे नहीं हटेगी” और “दंगाइयों को उनकी जगह दिखानी होगी”।

विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई के इस बयान ने सुरक्षा बलों को कठोर कार्रवाई के लिए खुली छूट दी है। हालांकि, उन्होंने सीधे “गोलियां चलाओ” का आदेश नहीं दिया, लेकिन उनकी कड़ी भाषा और IRGC की भूमिका से हिंसा बढ़ी है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर घातक बल प्रयोग करेगा, तो अमेरिका “बहुत जोरदार” हस्तक्षेप करेगा। खामेनेई ने ट्रंप को निशाना बनाकर कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिका को खुश करने के लिए सड़कें नष्ट कर रहे हैं।

ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, जिससे जानकारी बाहर आना मुश्किल हो गया है। ये प्रदर्शन 2022 के महसा अमीनी आंदोलन के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं।

ये स्थिति बहुत नाजुक है और आगे क्या होता है, ये अगले कुछ दिनों में साफ हो सकता है। ईरान के लोग आर्थिक और राजनीतिक बदलाव की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन का दमन भी तेज है।