यूपी : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा मिली है। 9 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अशोक लेलैंड की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्लांट उन्नाव जिले के ट्रांस गंगा सिटी में स्थापित की गई है और यह यूपी में ई-व्हीकल उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम है।
प्लांट की खासियतें
- यह अशोक लेलैंड की उत्तर भारत की पहली EV फैक्ट्री है।
- शुरुआती निवेश: करीब 700 करोड़ रुपये।
- उत्पादन क्षमता: सालाना 5,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक।
- मुख्य उत्पाद: इलेक्ट्रिक बसें, लाइट कमर्शियल व्हीकल और हैवी ट्रक।
- प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक जैसे बैटरी असेंबली, चार्जिंग इंफ्रा और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी शामिल।
- रोजगार सृजन: सीधे-परोक्ष रूप से हजारों नौकरियां।
CM योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन समारोह में कहा:
- “यूपी पहले सिर्फ क्षमताओं वाला प्रदेश माना जाता था, लेकिन अब हम अपनी क्षमताओं को परिणाम में बदलने वाला प्रदेश बन चुके हैं।”
- “ग्रीन मोबिलिटी और क्लीन एनर्जी यूपी की प्राथमिकता है। हम 2030 तक EV सेक्टर में देश के टॉप राज्य बनना चाहते हैं।”
- “इस प्लांट से न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षित होगा, बल्कि यूपी इंडस्ट्री का नया हब बनेगा।”
- सरकार ने EV पॉलिसी में 100% स्टैंप ड्यूटी छूट, सब्सिडी और इंफ्रा सपोर्ट दिया है।
अशोक लेलैंड का प्लान
- कंपनी के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि यूपी में निवेश का फैसला राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों और इंफ्रा के कारण लिया गया।
- अगले 5 साल में यूपी में 1,000 करोड़ से ज्यादा निवेश की योजना।
- कंपनी पहले से ही यूपी में कई EV बसें सप्लाई कर रही है, अब लोकल प्रोडक्शन से लागत कम होगी।
यह प्लांट यूपी की EV पॉलिसी 2022 का बड़ा परिणाम है, जिसके तहत राज्य में कई बड़ी कंपनियां आ रही हैं। लखनऊ और आसपास अब ग्रीन ट्रांसपोर्ट का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।