बिहार : लैंड फॉर जॉब स्कैम में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके पूरे परिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। 9 जनवरी 2026 को विशेष जज विशाल गोगने ने लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव समेत 41 आरोपियों पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने कहा कि लालू परिवार ने ‘क्रिमिनल सिंडिकेट’ की तरह काम किया और रेल मंत्रालय को निजी जागीर बनाकर घोटाला किया।
घोटाले की परत-दर-परत कहानी
- समय: 2004-2009, जब लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे।
- कैसे हुआ घोटाला?
- रेलवे के ग्रुप-डी पदों पर बिना विज्ञापन, बिना वैकेंसी के नियुक्तियां की गईं।
- उम्मीदवारों या उनके परिवारवालों से बदले में पटना समेत बिहार में कीमती जमीनें ली गईं।
- जमीनें लालू परिवार के नाम या उनकी कंपनियों (जैसे AK Infosystems) के नाम ट्रांसफर की गईं।
- ज्यादातर जमीनें मार्केट वैल्यू का 1/4 से 1/5 हिस्सा देकर या बेनामी तरीके से हासिल की गईं।
- चौंकाने वाले उदाहरण:
- कुल 1 लाख वर्ग फुट से ज्यादा जमीन सिर्फ 26 लाख रुपये में खरीदी गई, जबकि सर्किल रेट पर इसकी कीमत 4.39 करोड़ रुपये से ज्यादा थी।
- कुछ मामलों में नौकरी मिलने के तीन दिन के अंदर ही जमीन ट्रांसफर हो जाती थी।
- एक उम्मीदवार को नौकरी मिली, उसके रिश्तेदार ने राबड़ी देवी के नाम जमीन गिफ्ट की।
- कई सबस्टिट्यूट नियुक्तियां (बिना नियमों के) की गईं, बदले में जमीनें हस्तांतरित।
बेनामी लेन-देन: जमीनें पहले करीबियों के नाम ली गईं, फिर परिवार में ट्रांसफर। ED ने इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी जांच की है।
कोर्ट का फैसला क्या कहता है?
- प्रथम दृष्टया सबूत हैं कि लालू ने पद का दुरुपयोग कर साजिश रची।
- परिवार ने मिलकर ‘सिंडिकेट’ की तरह काम किया।
- आरोप: IPC की धारा 120B (साजिश), 420 (धोखाधड़ी), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं।
- कुल 103 आरोपी थे, 5 की मौत हो चुकी, 52 को बरी किया गया (जिन्होंने जमीन नहीं दी)।
- औपचारिक आरोप तय करने की अगली तारीख: 29 जनवरी 2026। अब ट्रायल शुरू होगा।
लालू परिवार का पक्ष
- सभी आरोपों से इनकार, इसे राजनीतिक बदला बताया।
- कोई सीधा सबूत नहीं कि लालू ने खुद नौकरी दी या जमीन मांगी।
- परिवार के वकील बोले: सबूत कमजोर हैं, बरी होना चाहिए।
यह घोटाला रेलवे भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का उदाहरण है। CBI और ED की जांच से कई संपत्तियां जब्त हो चुकी हैं। क्या आपको लगता है कि ट्रायल में लालू परिवार बरी होगा या सजा मिलेगी?