लैंड फॉर जॉब स्कैम: लालू परिवार को बड़ा झटका, कोर्ट ने लालू, राबड़ी, तेजस्वी समेत पूरे परिवार पर तय किए आरोप

नई दिल्ली : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को लैंड फॉर जॉब घोटाले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके पूरे परिवार को तगड़ा झटका दिया है। विशेष जज विशाल गोगने ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि लालू परिवार ने ‘क्रिमिनल सिंडिकेट’ की तरह काम किया और बड़ी साजिश रची।

आरोप क्या हैं?

  • IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (जालसाजी)
  • प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की संबंधित धाराएं (लालू पर विशेष रूप से सार्वजनिक पद का दुरुपयोग)।
  • कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया सबूत हैं कि लालू ने रेल मंत्री रहते हुए नियमों का उल्लंघन कर नौकरियां बांटीं और बदले में परिवार के नाम पर सस्ती जमीनें हस्तांतरित करवाईं।

मामला क्या है?

  • 2004-2009 के बीच लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।
  • CBI का आरोप: रेलवे के ग्रुप-डी पदों पर बिना विज्ञापन या वैकेंसी के नियुक्तियां की गईं।
  • बदले में उम्मीदवारों या उनके रिश्तेदारों ने लालू परिवार या करीबियों के नाम पर पटना समेत जगहों पर जमीनें ट्रांसफर कीं – ज्यादातर मार्केट वैल्यू से 1/4 से 1/5 कीमत पर या कैश में।
  • कुल 103 आरोपी नामजद, जिनमें 5 की मौत हो चुकी है। कुछ आरोपियों को बरी भी किया गया।
  • ED भी इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रही है।

लालू परिवार का पक्ष

  • परिवार ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
  • इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया जा रहा है।
  • लालू और परिवार ने कहा कि कोई सबूत नहीं है कि उन्होंने सीधे नौकरियां दीं या जमीन मांगी।
  • अब ट्रायल शुरू होगा, जहां गवाह और सबूत पेश किए जाएंगे।

यह फैसला लालू परिवार के लिए बड़ा कानूनी झटका है, क्योंकि अब मुकदमा चलेगा और सजा की संभावना बढ़ गई है। क्या आपको लगता है कि यह मामला राजनीतिक है या सबूत मजबूत हैं?