भारत में लॉन्च हुई नई वैक्सीन ‘Hevaxin’: हेपेटाइटिस ई से बचाव का पहला भारतीय विकल्प, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली : भारत में हेपेटाइटिस ई की रोकथाम के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने 7 जनवरी 2026 को Hevaxin नाम की नई रिकॉम्बिनेंट वैक्सीन लॉन्च कर दी है। यह भारत में हेपेटाइटिस ई वायरस (HEV) संक्रमण से बचाव की पहली और एकमात्र मंजूर वैक्सीन है। दूषित पानी से फैलने वाली यह बीमारी खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए घातक होती है।

यह वैक्सीन क्यों है खास?

  • हेपेटाइटिस ई भारत में लीवर की गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है, खासकर मानसून में दूषित पानी से महामारी फैलती है।
  • यह वैक्सीन लंबे समय तक इम्युनिटी प्रदान करती है और अच्छी सहनशीलता (टॉलरेबिलिटी) दिखाती है।
  • दुनिया में कुछ ही देशों में ऐसी वैक्सीन उपलब्ध है, और भारत में यह पहली बार आई है।
  • क्लिनिकल ट्रायल्स में सेफ्टी और प्रभावशीलता साबित हुई है।

किसे लगेगी यह वैक्सीन?

मुख्य रूप से 18 से 65 साल के वयस्कों के लिए।
हेपेटाइटिस ई के उच्च जोखिम वाले लोग: गर्भवती महिलाएं, दूषित पानी वाले क्षेत्रों में रहने वाले, लीवर की पुरानी बीमारी वाले।

डॉक्टर की सलाह पर ही लगवाएं।

  • कीमत की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई, लेकिन यह किफायती होने की उम्मीद है।
  • डोज: आमतौर पर 2-3 डोज का कोर्स (विस्तृत जानकारी डॉक्टर से लें)।
  • उपलब्धता: डॉ. रेड्डीज ने Shenzhen Mellow Hope Pharm और Urihk Pharmaceutical के साथ पार्टनरशिप की है, जल्द ही अस्पतालों और फार्मेसी में उपलब्ध होगी।

हेपेटाइटिस ई से हर साल हजारों मामले सामने आते हैं, और यह वैक्सीन इससे बचाव में गेम-चेंजर साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छ पानी के साथ वैक्सीनेशन से इस बीमारी पर पूरी लगाम लग सकती है।