यूपी : उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) को तगड़ा झटका लगा है। नगर पालिका परिषद ने सपा के जिला कार्यालय को 15 दिनों के अंदर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। यह कार्यालय पिछले 20 साल से अधिक समय से टाउन हॉल परिसर में चल रहा था, जो नजूल भूमि पर बना है।
नोटिस की वजह क्या है?
- जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका ने अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
- सपा जिला कार्यालय का आवंटन 14 मई 2025 को ही निरस्त कर दिया गया था।
- यह भूमि सरकारी (नजूल) है, और पार्टी का कब्जा अवैध माना गया।
- इसी कार्रवाई में कुल 6 कब्जेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं।
- पहले भी कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया।
- सपा का पक्ष
- जिला अध्यक्ष छत्रपाल गंगवार ने नोटिस को ‘अवैध’ बताया।
- उनका दावा: पार्टी के पास वैध पट्टे के दस्तावेज हैं।
- नोटिस 7 जनवरी को देर शाम चिपकाया गया, पहले सूचना नहीं दी गई।
- पार्टी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर कानूनी जवाब देगी।
भाजपा का रिएक्शन
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने कहा: अवैध कब्जा है, तो खाली होना चाहिए। नोटिस उचित प्रक्रिया से जारी हुआ।
भाजपा प्रवक्ता एस एन सिंह ने भी कार्रवाई का समर्थन किया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि बार-बार निर्देश के बावजूद कब्जा नहीं हटने पर औपचारिक नोटिस जरूरी हो गया। अगर 15 दिन में कार्यालय नहीं खाली हुआ, तो आगे की कार्रवाई होगी।
यह मामला यूपी में अवैध कब्जों पर चल रही मुहिम का हिस्सा है। सपा इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता सकती है, लेकिन प्रशासन इसे कानूनी कदम मान रहा है।