सपा विधायक विजय सिंह गोंड का निधन, SGPGI में ली अंतिम सांस; 8 बार रहे विधानसभा सदस्य

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। सोनभद्र की दुद्धी विधानसभा सीट से मौजूदा समाजवादी पार्टी विधायक और कद्दावर आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड का गुरुवार को निधन हो गया। वे 71 वर्ष के थे। लखनऊ के एसजीपीजीआई अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर से समाजवादी पार्टी और उनके गृह जनपद सोनभद्र में शोक की लहर दौड़ गई है।क्या रहा मौत का कारण?विधायक विजय सिंह गोंड पिछले लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनकी दोनों किडनी खराब हो चुकी थीं। वे पिछले कुछ समय से वेंटिलेटर और कोमा जैसी स्थिति में थे। गुरुवार सुबह मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हो गया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।8 बार विधायक रहने का बनाया रिकॉर्डविजय सिंह गोंड का राजनीतिक सफर संघर्ष और सफलता की मिसाल रहा है।

उनके नाम कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं:रिकॉर्ड जीत: वे दुद्धी और ओबरा क्षेत्र से रिकॉर्ड 8 बार विधानसभा के सदस्य चुने गए।शुरुआत: उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बहुत ही साधारण तरीके से की थी। राजनीति में आने से पहले वे एक आश्रम में महज 200 रुपये के मानदेय पर काम करते थे।

आदिवासी आवाज: उन्हें यूपी की राजनीति में आदिवासियों की सबसे मजबूत आवाज माना जाता था। उन्होंने दुद्धी और ओबरा सीटों को अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

राजनीतिक सफर का संक्षिप्त परिचयविजय सिंह गोंड ने 1979 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। इसके बाद वे जनता दल और फिर समाजवादी पार्टी के साथ जुड़े रहे। 1989 के चुनाव में उन्होंने अपने ही राजनीतिक गुरु को हराकर सबको चौंका दिया था। साल 2024 के उपचुनाव में उन्होंने दुद्धी सीट से फिर से जीत हासिल कर अपनी लोकप्रियता साबित की थी।

अखिलेश यादव का संदेश: सपा के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पार्टी ने कहा कि विजय सिंह गोंड जी का निधन समाजवादी आंदोलन और आदिवासी समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।