उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षा में फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई करते हुए फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। विश्वविद्यालय पर फर्जी डिग्रियां और मार्कशीट जारी करने के गंभीर आरोप साबित हुए हैं।
यह मामला तब सामने आया जब राजस्थान में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भर्ती में कई उम्मीदवारों ने जेएस यूनिवर्सिटी से जारी फर्जी बीपीएड डिग्रियां इस्तेमाल कीं। जांच में पता चला कि विश्वविद्यालय ने निर्धारित सीटों से कहीं ज्यादा डिग्रियां जारी कीं और बैकडेट में फर्जी मार्कशीट बनाईं। विश्वविद्यालय के चांसलर सुकेश यादव और रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
करीब 4,000 से 15,000 छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड अब डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा को सौंप दिए जाएंगे। आगरा यूनिवर्सिटी के कुलपति की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन करेगी और वैध डिग्रियां जारी करेगी।
वर्तमान बैच के छात्रों को जेएस यूनिवर्सिटी से ही डिग्री मिलेगी, लेकिन नए एडमिशन बंद हो जाएंगे और विश्वविद्यालय का परिसमापन होगा। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ऐसे फर्जीवाड़े बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यह कार्रवाई निजी विश्वविद्यालयों के लिए चेतावनी है कि नियमों का पालन न करने पर सख्त सजा मिलेगी। छात्रों से अपील की गई है कि घबराएं नहीं, उनका भविष्य सुरक्षित है।
फर्जी डिग्री घोटाला: जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द, छात्रों की डिग्री अब आगरा यूनिवर्सिटी से जारी होगी
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