लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (6 जनवरी 2026) मिशन कर्मयोगी की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा करेंगे। यह बैठक लखनऊ में होगी, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी हिस्सा लेंगे। बैठक का मुख्य फोकस सरकारी कर्मचारियों की क्षमता निर्माण, डिजिटल प्रशिक्षण और सुशासन को मजबूत बनाने पर रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी को उत्तर प्रदेश में तेजी से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने इसे राज्य स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
मिशन कर्मयोगी की प्रमुख उपलब्धियां उत्तर प्रदेश में:
- हजारों अधिकारी और कर्मचारी iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर जुड़ चुके हैं, जहां डिजिटल कोर्स पूरा कर रहे हैं।
- डिजिटल प्रशिक्षण से प्रशासन अधिक पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बन रहा है।
- राज्य सरकार का लक्ष्य सभी सरकारी कर्मचारियों को इस मिशन से जोड़ना है, ताकि वे जनकल्याण योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकें।
- पिछले वर्षों में यूपी में 3,900 से अधिक अधिकारियों ने 21,000 से ज्यादा कोर्स पूरे किए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले भी इस मिशन पर जोर देते हुए कहा है कि यह कार्यक्रम सरकारी मशीनरी को और अधिक प्रभावी बनाने का सशक्त माध्यम है। आज की समीक्षा में प्रगति की समीक्षा के साथ नए लक्ष्य तय किए जाएंगे, जिसमें क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।