उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद संगठनात्मक स्तर पर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। दिसंबर में कमान संभालने के बाद से पंकज चौधरी ने अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए गुटबाजी और जातिगत बैठकों पर सख्ती दिखाई है। साथ ही, पार्टी के जनप्रतिनिधि अब स्थानीय मुद्दों को तेजी से प्रदेश मुख्यालय तक पहुंचाने में लग गए हैं, ताकि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को और मजबूत किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष की सक्रियता से विधायक और सांसद अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, किसान मुद्दे और विकास कार्यों की फाइलें सीधे लखनऊ भेज रहे हैं। इससे जमीनी फीडबैक मजबूत हो रहा है और पार्टी की रणनीति में स्थानीय स्तर की शिकायतों का त्वरित समाधान शामिल किया जा रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाले पंकज चौधरी का फोकस खासतौर पर ओबीसी वोट बैंक को एकजुट करने पर है, जिससे संगठन में नई जान फूंकी जा रही है।
संगठन में बड़े बदलाव की आहट
- अनुशासन पर जोर: गुटबाजी करने वालों को चेतावनी, पद की गरिमा बनाए रखने के निर्देश।
- जनप्रतिनिधियों की सक्रियता: स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग बढ़ी, प्रदेश नेतृत्व से सीधा संवाद।
- आगामी रणनीति: पंचायत चुनाव 2026 और विधानसभा 2027 को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक मजबूती।
- कैबिनेट विस्तार की चर्चा: नए अध्यक्ष की दिल्ली यात्राओं से मंत्रिमंडल फेरबदल और संगठन में अदला-बदली की संभावना।
पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है कि नए नेतृत्व से भाजपा यूपी में फिर से मजबूत स्थिति में आएगी। पंकज चौधरी ने कमान संभालते ही कार्यकर्ताओं से संवाद शुरू कर दिया है और जल्द ही दौरा करने की योजना है। यह बदलाव पार्टी को विपक्ष के हमलों से बचाने और जनता से जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।