अमेरिका : अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के लिए एक साहसिक और सटीक सैन्य अभियान चलाया, जिसे ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम दिया गया। यह ऑपरेशन शुक्रवार देर रात शुरू हुआ और शनिवार सुबह तक पूरा हो गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिजॉर्ट से पूरे मिशन को लाइव फीड पर देखा और इसे “टीवी शो जैसा रोमांचक” बताया।
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के अनुसार, पूरा ऑपरेशन सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसमें अमेरिकी सेना के कोई जवान हताहत नहीं हुए, हालांकि कुछ हेलिकॉप्टरों पर गोलीबारी हुई लेकिन वे सुरक्षित लौट आए।
मिशन कैसे अंजाम दिया गया?
प्लानिंग: कई महीनों की तैयारी। CIA की एक गुप्त टीम ने अगस्त से कराकस में मादुरो की दिनचर्या, ठिकानों और आदतों की बारीक जानकारी इकट्ठा की। स्टेल्थ ड्रोन और एक करीबी सूत्र की मदद से उनका हर मूवमेंट ट्रैक किया गया।
हमला: 20 ठिकानों से 150 से ज्यादा विमान लॉन्च किए गए। वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम को पहले निष्क्रिय किया गया।
रेड: डेल्टा फोर्स की एलीट कमांडो टीम ने हेलिकॉप्टर से मादुरो के सुरक्षित कंपाउंड पर छापा मारा। कराकस में बिजली काट दी गई ताकि अंधेरा छा जाए। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को बेडरूम से बाहर निकालकर हिरासत में लिया गया।
निकासी: दोनों को अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस इवो जिमा पर ले जाया गया, फिर न्यूयॉर्क पहुंचाया गया जहां वे नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोपों का सामना करेंगे।
ट्रंप ने कहा कि मादुरो भागने की कोशिश कर रहे थे लेकिन अमेरिकी फोर्स इतनी तेज थी कि वे स्टील सेफ रूम तक नहीं पहुंच पाए। उन्होंने ऑपरेशन को “अमेरिकी सैन्य ताकत का अद्भुत प्रदर्शन” बताया और घोषणा की कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला को “चलाएगा” तथा तेल संसाधनों को सक्रिय करेगा।
यह अभियान मादुरो पर 2020 से लगे अमेरिकी आरोपों का नतीजा है, जिसमें उन्हें कोकेन तस्करी और आतंकवाद से जोड़ा गया। दुनिया भर में इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं – कुछ देशों ने निंदा की, जबकि वेनेजुएला के विपक्ष और कई लैटिन अमेरिकी समुदायों में जश्न मनाया गया।