प्रयागराज : प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर माघ मेला 2026 की शुरुआत शनिवार को पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान के साथ हो गई। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद देशभर से आए लाखों श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम तट पर पहुंच गए और गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के मिलन में आस्था की डुबकी लगाई।
मेला प्रशासन के अनुसार, शाम तक 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जबकि सुबह 8 बजे तक ही 6.5 लाख से ज्यादा लोग पुण्य लाभ ले चुके थे। महाकुंभ 2025 के बाद यह पहला बड़ा धार्मिक आयोजन है, इसलिए श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों से कहीं अधिक रही। कल्पवासियों ने भी पर्णकुटी में डेरा डालकर एक माह की कठिन तपस्या शुरू कर दी है।
प्रशासन की पुख्ता तैयारियां
- मेला क्षेत्र को विस्तार दिया गया, 10 बड़े स्नान घाट बनाए गए।
- सुरक्षा के लिए ड्रोन, AI कैमरे, एनडीआरएफ टीम और हजारों पुलिसकर्मी तैनात।
- स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत: एंबुलेंस, मेडिकल कैंप और आपातकालीन व्यवस्था।
- यातायात नियंत्रण के लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग की विशेष व्यवस्था।
माघ मेला 44 दिनों तक चलेगा और कुल 12-15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। प्रमुख स्नान पर्व:
- मकर संक्रांति: 14 जनवरी
- मौनी अमावस्या: 18 जनवरी
- बसंत पंचमी: 23 जनवरी
- माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी
- महाशिवरात्रि: 15 फरवरी (समापन)
यह मेला न केवल स्नान-दान का केंद्र है, बल्कि सनातन संस्कृति, तपस्या और एकता का प्रतीक भी। ठंड में भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा है।