गांधीनगर में दूषित पानी से टाइफाइड का कहर, 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती

गुजरात : गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पीने के पानी के कारण टाइफाइड के मामलों में अचानक तेजी आई है। सिविल अस्पताल में पिछले तीन दिनों में 104 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में सेक्टर-24, 25, 26, 28 और आदिवाड़ा क्षेत्र प्रमुख हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नई पाइपलाइनों में लीकेज और ड्रेनेज रिपेयर वर्क के दौरान सीवेज का पानी सप्लाई लाइन में मिल गया, जिससे प्रदूषण हुआ। पानी के सैंपल्स की जांच में यह असुरक्षित पाया गया है। अस्पताल में बच्चों के लिए विशेष वार्ड खोला गया है और सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं:

  • गांधीनगर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्वास्थ्य टीमों ने प्रभावित सेक्टरों में डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया।
  • लोगों को उबला पानी पीने, घर का बना खाना खाने और क्लोरीन टैबलेट्स से टैंक साफ करने की सलाह दी गई।
  • 63 सर्विलांस टीमों ने अब तक 10,000 घरों का सर्वे किया और 38,000 लोगों तक जागरूकता पहुंचाई।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने शनिवार को सिविल अस्पताल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गांधीनगर के जिलाधिकारी (कलेक्टर) से फोन पर कई बार बात की और हालात की जानकारी ली। उन्होंने शाम को फिर समीक्षा करने का निर्देश दिया है।

यह मामला इंदौर के पानी प्रदूषण संकट के बाद सामने आया है, जहां दूषित पानी से कई मौतें हुईं। गांधीनगर में अभी तक कोई मौत की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।