कोरोना के बाद अब पूर्वांचल में स्क्रब टाइफस का कहर: अब तक 493 मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पूर्वांचल : उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में स्क्रब टाइफस नामक संक्रामक बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र में अब तक 493 मरीजों में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है, जिससे इलाके में सनसनी मच गई है। गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी और आसपास के जिलों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। बारिश के बाद झाड़ियों और खेतों में पनपने वाले कीड़ों के कारण यह बीमारी फैल रही है।

क्या है स्क्रब टाइफस? यह ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है, जो चिगर माइट (एक प्रकार के छोटे कीड़े) के काटने से फैलती है। ये कीड़े चूहों या झाड़ियों में रहते हैं। समय पर इलाज न होने पर यह निमोनिया, मेनिन्जाइटिस या मल्टी ऑर्गन फेल्योर का कारण बन सकती है और जानलेवा भी हो सकती है।

मुख्य लक्षण:

  • तेज बुखार (102-104 डिग्री तक)
  • सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द
  • काटने की जगह पर काला निशान (एस्चर)
  • ठंड लगना, उल्टी, खांसी
  • गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी

प्रभावित क्षेत्र: पूर्वांचल के ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले मजदूर और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में जांच किट उपलब्ध कराई है और गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

बचाव के उपाय:

  • खेतों या झाड़ियों में जाते समय पूरे कपड़े पहनें, रिपेलेंट का इस्तेमाल करें
  • घर के आसपास सफाई रखें, कचरा न जमा होने दें
  • बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं, एंटीबायोटिक (डॉक्सीसाइक्लिन) से इलाज संभव है

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती जांच से 100% ठीक हो जाता है, लेकिन देरी घातक साबित हो सकती है। विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है और मरीजों की मॉनिटरिंग की जा रही है।