प्रयागराज : प्रयागराज की संगम नगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। पौष पूर्णिमा के पावन स्नान पर्व के साथ माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो गया। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम) में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। ‘हर हर गंगे’ और जयकारों की गूंज से पूरा संगम क्षेत्र भक्ति में डूबा हुआ है।
अब तक की स्थिति: मेला शुरू होने के साथ ही अब तक लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। मेला प्रशासन का अनुमान है कि पहले स्नान पर्व पर ही 25 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान करेंगे। पूरे मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
कल्पवास की शुरुआत: पौष पूर्णिमा से ही हजारों कल्पवासी संगम तट पर डेरा जमाकर एक महीने की कठिन साधना शुरू कर चुके हैं। इस बार 4 लाख से अधिक कल्पवासी भाग ले रहे हैं, जो संयमित जीवन, दैनिक स्नान, जप-तप और दान-पुण्य में लीन रहेंगे।
प्रमुख स्नान तिथियां:
- 3 जनवरी 2026: पौष पूर्णिमा (पहला स्नान)
- 14-15 जनवरी: मकर संक्रांति
- 18 जनवरी: मौनी अमावस्या (सबसे बड़ा स्नान पर्व)
- 23 जनवरी: बसंत पंचमी
- 1 फरवरी: माघी पूर्णिमा
- 15 फरवरी: महाशिवरात्रि (अंतिम स्नान, मेला समापन)
मेला 44 दिनों तक चलेगा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, 400 से ज्यादा AI आधारित CCTV कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। यह मेला न केवल स्नान-दान का पर्व है, बल्कि आस्था, संयम और अध्यात्म का महासंगम है, जहां पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है।