नए साल पर बलोच नेता का भारत को खुला पत्र: ‘पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंको, हम भारत के साथ खड़े हैं’

नई दिल्ली : नए साल 2026 की शुरुआत में एक सनसनीखेज खुला पत्र सामने आया है, जो बलोचिस्तान के निर्वासित नेता मीर यार बलोच की ओर से भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को संबोधित है। इस पत्र में बलोच नेता ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी भाषा का इस्तेमाल करते हुए भारत से अपील की है कि पाकिस्तान की जड़ें उखाड़ फेंकी जाएं और बलोचिस्तान की आजादी में भारत का साथ दिया जाए।

पत्र में मीर यार बलोच ने नए साल की शुभकामनाएं देते हुए भारत और बलोचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का जिक्र किया है। उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर को दोनों क्षेत्रों की साझा विरासत का प्रतीक बताया। साथ ही, बलोचिस्तान के 79 वर्षों से पाकिस्तान के कथित कब्जे की स्थिति पर गहरा दुख जताया और कहा कि अब समय आ गया है कि बलोचिस्तान को संप्रभुता और स्थायी शांति मिले।

सबसे चौंकाने वाली बात पत्र में यह है कि मीर यार बलोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंको, हम भारत के साथ हैं।” उन्होंने बलोचिस्तान की जनता की ओर से भारत सरकार और लोगों के प्रति पूर्ण समर्थन का ऐलान किया। पत्र में पाकिस्तान-चीन साझेदारी और CPEC पर भी सुरक्षा चेतावनी दी गई है, जिसे बलोचिस्तान के लिए खतरा बताया गया।

यह पत्र सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया गया, जहां मीर यार बलोच ने इसे सार्वजनिक रूप से साझा किया। बलोच अलगाववादी आंदोलन लंबे समय से पाकिस्तान के खिलाफ संघर्ष कर रहा है और कई नेता भारत को अपना नैतिक समर्थक मानते हैं। इस खुले पत्र से क्षेत्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा होने की संभावना है।

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह पत्र भारत-पाकिस्तान संबंधों और बलोच मुद्दे पर नई बहस छेड़ सकता है। बलोच नेता की यह अपील नए साल में दक्षिण एशिया की भू-राजनीति को प्रभावित करने वाली हो सकती है।