योगी कैबिनेट में होगी 6 नए चेहरों की एंट्री! भूपेंद्र चौधरी की वापसी तय – प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली रवाना

लखनऊ : नए साल की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों के अनुसार, खरमास खत्म होने के बाद यानी 14 जनवरी के बाद कैबिनेट में करीब 6 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। इस विस्तार को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है, जहां जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर खास फोकस होगा।

भूपेंद्र चौधरी की वापसी लगभग तय
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जाट समुदाय के दिग्गज नेता भूपेंद्र सिंह चौधरी की कैबिनेट में वापसी तय मानी जा रही है। पहले वे पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नियुक्त होने के बाद भूपेंद्र को सरकार में एडजस्ट करने की चर्चा तेज है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट वोट बैंक को मजबूत करने के लिए यह कदम अहम होगा।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली रवाना
मंगलवार को सीएम आवास पर हुई कोर कमेटी की मैराथन बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार पर विस्तार से मंथन हुआ। बैठक में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम, संगठन महामंत्री और अन्य नेता मौजूद थे। इसके बाद नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली रवाना हो गए। माना जा रहा है कि वे हाईकमान से अंतिम हरी झंडी लेंगे। दिल्ली से मंजूरी मिलते ही विस्तार का ऐलान हो सकता है।

किन वजहों से हो रहा विस्तार?

  • वर्तमान में योगी कैबिनेट में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 60 हो सकते हैं। 6 पद खाली हैं।
  • नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और सीएम योगी दोनों पूर्वांचल से होने के कारण क्षेत्रीय संतुलन बनाने की जरूरत। पश्चिम यूपी, अवध और बुंदेलखंड को प्राथमिकता मिल सकती है।
  • विपक्ष के PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नैरेटिव की काट के लिए जातीय समीकरण दुरुस्त करना।
  • कुछ पुराने मंत्रियों के विभाग बदल सकते हैं या छुट्टी हो सकती है।

संभावित नए चेहरे
सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि भूपेंद्र चौधरी के अलावा कुछ अन्य दिग्गजों को मौका मिल सकता है। सहयोगी दलों (जैसे रालोद या अपना दल) को भी हिस्सेदारी दी जा सकती है। हालांकि, नामों पर अभी पर्दा है।