नई दिल्ली : नया साल 2026 शुरू हो चुका है और 1 जनवरी से कई महत्वपूर्ण नियम लागू हो गए हैं। ये बदलाव सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से लेकर रसोई गैस की कीमतों, बैंकिंग और टैक्स तक प्रभावित करेंगे। यहां मूल जानकारी के आधार पर 10 मुख्य बदलावों की सूची दी गई है
- 8वां वेतन आयोग का कार्यकाल शुरू:
7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो गया। 8वें वेतन आयोग की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है। इससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी-पेंशन में बढ़ोतरी की उम्मीद है (फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 20-35% तक), लेकिन वास्तविक बढ़ोतरी और एरियर बाद में मिलेंगे। आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा: - 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹111 तक की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में अब ₹1691.50, मुंबई में ₹1642.50, कोलकाता और चेन्नई में भी बढ़े रेट। होटल-रेस्तरां जैसे व्यवसायों पर असर पड़ेगा। घरेलू (14.2 किलो) LPG के दाम फिलहाल不变 हैं।
PAN-आधार लिंकिंग अनिवार्य: - अगर PAN को आधार से लिंक नहीं किया तो 1 जनवरी से PAN इनऑपरेटिव हो सकता है। इससे बैंकिंग, टैक्स रिटर्न और सरकारी सेवाओं में दिक्कत आएगी। समय रहते लिंक कर लें।
क्रेडिट स्कोर अपडेट तेज: - बैंक और NBFC अब क्रेडिट जानकारी तेजी से अपडेट करेंगे। इससे लोन अप्रूवल प्रक्रिया तेज होगी, लेकिन गलतियां जल्दी पकड़ी जाएंगी।
LPG और ATF की मासिक समीक्षा: - हर महीने की तरह घरेलू और कमर्शियल LPG के साथ एविएशन फ्यूल (ATF) के दाम रिव्यू हुए। इस बार कमर्शियल महंगा हुआ, घरेलू स्थिर। आगे हवाई किराए पर असर पड़ सकता है।
कार और वाहनों की कीमतें बढ़ी: - कई ऑटो कंपनियों (निसान, BMW, MG आदि) ने वाहनों के दाम 3,000 रुपये से 3% तक बढ़ाए। उत्पादन लागत बढ़ने से नई कार खरीद महंगी होगी।
UPI और डिजिटल पेमेंट पर सख्ती: - फ्रॉड रोकने के लिए UPI, WhatsApp Pay आदि पर KYC और वेरिफिकेशन नियम सख्त हुए। सुरक्षित ट्रांजेक्शन बढ़ेंगे।
राशन कार्ड e-KYC की डेडलाइन मिस: - कई राज्यों में 31 दिसंबर तक e-KYC नहीं कराने पर राशन मिलना बंद हो सकता है। सब्सिडी प्रभावित होगी।
बैंक लोन और FD रेट्स में बदलाव: - SBI, PNB, HDFC जैसे बैंकों ने लोन रेट्स कम किए, EMI राहत मिल सकती है। FD रेट्स भी रिवाइज हुए।
इनकम टैक्स और ITR नियम:
AY 2025-26 के लिए रिवाइज्ड ITR दाखिल करने की सुविधा खत्म। नए प्री-फिल्ड ITR फॉर्म आने की उम्मीद, जो बैंक ट्रांजेक्शन से डेटा दिखाएंगे।
ये बदलाव आर्थिक स्थिति, महंगाई और सरकारी नीतियों पर आधारित हैं। कुछ राहत देने वाले हैं, तो कुछ खर्च बढ़ाने वाले। अपनी वित्तीय योजना पहले से तैयार रखें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट्स चेक करें।