नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने लोकप्रिय दर्द निवारक दवा निमेसुलाइड की 100 मिलीग्राम से अधिक डोज वाली ओरल (मुंह से खाने वाली) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 दिसंबर 2025 को जारी गजट नोटिफिकेशन के जरिए लिया, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 26A के तहत लागू हुआ।
- बैन केवल 100 mg से ज्यादा वाली इमीडिएट रिलीज डोज पर लागू है। 100 mg या उससे कम वाली दवाएं अभी उपलब्ध रहेंगी।
- कारण: हाई डोज से लिवर टॉक्सिसिटी (हेपेटोटॉक्सिसिटी), किडनी डैमेज और अन्य गंभीर जोखिम। ICMR की रिपोर्ट में इसे
हानिकारक बताया गया, साथ ही सुरक्षित विकल्प (जैसे पैरासिटामॉल, इबुप्रोफेन) उपलब्ध हैं। - पहले के प्रतिबंध: 2011 में 12 साल से कम बच्चों के लिए बैन, जनवरी 2025 में पशुओं के लिए सभी फॉर्मूलेशन पर रोक (गिद्धों पर घातक प्रभाव के कारण)।
- प्रभाव: बाजार में Nise, Nicip, Nimulid जैसी ब्रांड्स की हाई डोज टैबलेट्स अब नहीं मिलेंगी। कंपनियों को स्टॉक वापस मंगाना होगा।
- विशेषज्ञों की राय: कई देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया आदि) में पहले से बैन या रेस्ट्रिक्टेड। भारत में अब हाई डोज को हटाकर सुरक्षा बढ़ाई गई।
- सलाह: दर्द या बुखार में डॉक्टर से परामर्श लें, सेल्फ मेडिकेशन न करें।
यह कदम जन स्वास्थ्य की रक्षा और दवाओं के रेशनल यूज को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पूरी दवा पर बैन नहीं, सिर्फ हाई डोज पर।