यूपी : अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव’ के रूप में बुधवार (31 दिसंबर 2025) को भव्य रूप से मनाई गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया, अन्नपूर्णा मंदिर में धर्मध्वजा फहराई और राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की विशेष आरती व पूजा-अर्चना की।
- सीएम योगी ने संबोधन में पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, “पिछली सरकारों ने अयोध्या को लहूलुहान करने का काम किया था। जहां कभी संघर्ष नहीं होते थे, वहां आतंकी हमलों और गोली-लाठी से अयोध्या को खून से लथपथ करने की कोशिश की गई। लेकिन हनुमानजी की कृपा से कोई भूत-पिशाच निकट नहीं आ सका।
- योगी ने आगे कहा, “2017 से पहले ‘जय श्री राम’ बोलने पर लाठी चलती थी, अब तो G-RAM-G (ग्लोबल राम) की चर्चा हो रही है। सनातन धर्म से ऊपर कुछ नहीं। पिछले 5 साल में 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या आए।”
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर बधाई दी, इसे “हमारी आस्था और परंपराओं का दिव्य पर्व” बताया।
- कार्यक्रम में विशेष महाभिषेक, 56 भोग, भव्य आरती और वैदिक अनुष्ठान हुए। रामलला को सोने का पीतांबर पहनाया गया।
- अयोध्या पूरी तरह राममय: लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े, शहर जगमग, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
- हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी को हुई थी, इसलिए वर्षगांठ आज मनाई गई (अंग्रेजी कैलेंडर में 22 जनवरी 2024 को थी)
- दोनों नेताओं ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया, फिर राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की विशेष आरती और अभिषेक में भाग लिया।
- राजनाथ सिंह ने मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराई, जबकि योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया और साथ में अनुष्ठान किए।
- सीएम योगी ने संबोधन में पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा, “पिछली सरकारों ने अयोध्या को लहूलुहान करने का काम किया था। जहां कभी संघर्ष नहीं होते थे, वहां आतंकी हमलों और गोली-लाठी से अयोध्या को खून से लथपथ करने की कोशिश की गई। लेकिन हनुमानजी की कृपा से कोई भूत-पिशाच निकट नहीं आ सका।”
- योगी ने आगे कहा, “सनातन धर्म से ऊपर कुछ नहीं। 2017 से पहले ‘जय श्री राम’ बोलने पर लाठी चलती थी, अब वैश्विक स्तर पर राम की चर्चा हो रही है। पिछले वर्षों में 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या आए।”
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए इसे “हमारी आस्था और परंपराओं का दिव्य पर्व” बताया।
- अयोध्या राममय: लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़े, शहर रोशनी से जगमग, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।
यह उत्सव 500 साल के संघर्ष की पूर्णता और अयोध्या के नए युग का प्रतीक बना। रामनगरी अब वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रही है।