नई दिल्ली :उन्नाव रेप केस में दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत और सजा निलंबन पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने बड़ा बयान दिया है। काटजू ने कहा कि सेंगर पहले ही 8 साल से ज्यादा जेल में बिता चुके हैं और विधायक को POCSO एक्ट में ‘पब्लिक सर्वेंट’ नहीं माना जा सकता, इसलिए उम्रकैद की सजा लागू नहीं होती। उनका कहना है कि हाईकोर्ट का फैसला सही है और बैलेंस बनाना जरूरी है।
मुख्य अपडेट्स:
काटजू का बयान: NDTV को दिए इंटरव्यू में जस्टिस काटजू ने कहा- ‘सेंगर 8 साल से ज्यादा जेल में हैं। भारत में केस लंबे चलते हैं, अगर 10 साल और लगे तो 18 साल बाद अगर बेकसूर साबित हुए तो उनकी जिंदगी कौन लौटाएगा?’ उन्होंने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का बचाव किया, कहा कि यह अपील का अंतिम फैसला नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला: आज (29 दिसंबर 2025) सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत और सजा निलंबन आदेश पर स्टे लगा दिया। CJI सूर्या कांत की बेंच ने कहा- सेंगर दूसरे केस (पीड़िता पिता की मौत) में जेल में हैं, इसलिए रिहा नहीं होंगे। अगली सुनवाई जनवरी अंत में।
केस बैकग्राउंड: 2017 का उन्नाव रेप केस। 2019 में सेंगर को उम्रकैद, 2020 में पीड़िता पिता की कस्टोडियल डेथ में 10 साल की सजा। हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को POCSO की कड़ी धारा हटाकर राहत दी थी।
विवाद और प्रदर्शन: काटजू के बयान पर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में आलोचना। कांग्रेस, महिला संगठनों ने प्रदर्शन किए। पीड़िता ने कहा- सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद।
यह बयान महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर नई बहस छेड़ रहा है। पीड़िता पक्ष ने इसे ‘गलत संदेश’ बताया। अधिक अपडेट के लिए जुड़े रहें।