कानपुर : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर के बीच बन रहे महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेसवे-6) की राह की सबसे बड़ी बाधा दूर होने वाली है। हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग का काम दिसंबर में शुरू हो चुका है, जिससे बाकी बचा निर्माण तेजी से पूरा होगा। एनएचएआई ने पीएमओ को पत्र लिखकर मार्च 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करने की जानकारी दी है।
मुख्य अपडेट्स:
- ट्रांसमिशन लाइन शिफ्टिंग: स्कूटर इंडिया चौराहा और बंथरा के पास हाईटेंशन लाइन की वजह से एलिवेटेड सेक्शन का काम रुका था। अब 18-27 दिसंबर के बीच शटडाउन लेकर लाइन शिफ्ट की जा रही है। PGCIL की मंजूरी मिल चुकी है।
- प्रोजेक्ट स्टेटस: कुल 63 किमी लंबे 6 लेन (भविष्य में 8 लेन) एक्सप्रेसवे का ज्यादातर काम पूरा। ग्रीनफील्ड सेक्शन (45 किमी) लगभग तैयार, ब्राउनफील्ड एलिवेटेड सेक्शन (18 किमी) में सिर्फ अंतिम हिस्सा बाकी।
- यात्रा समय: पूरा होने पर लखनऊ से कानपुर का सफर महज 40-45 मिनट में पूरा होगा (वर्तमान में 2-3 घंटे लगते हैं)। अधिकतम स्पीड 120 किमी/घंटा।
- लागत और फीचर्स: करीब 4700 करोड़ की लागत। शहीद पथ (लखनऊ) से शुरू होकर कानपुर रिंग रोड तक। गंगा एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट होगा।
- देरी का कारण: पहले जुलाई 2025 डेडलाइन थी, लेकिन यूटिलिटी शिफ्टिंग में देरी से मार्च 2026 तक खिसकी। ट्रायल रन और उद्घाटन मार्च में संभावित।
यह एक्सप्रेसवे यूपी की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा, ट्रैफिक जाम कम होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। टोल प्लाजा भी जल्द शुरू होंगे।