कानपुर में कुमार विश्वास की ‘अपने-अपने राम’ कथा में बोले: कर्म ही सच्ची भक्ति है, त्याग और संकल्प का दिया संदेश

कानपुर: प्रसिद्ध कवि और कथावाचक डॉ. कुमार विश्वास इन दिनों कानपुर में अपनी मशहूर रामकथा ‘अपने-अपने राम’ सुना रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) परिसर में 26 से 28 दिसंबर 2025 तक चल रहे इस तीन दिवसीय आयोजन में हजारों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।

कथा के दौरान कुमार विश्वास ने रामायण के प्रसंगों को सरल और भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति सिर्फ पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि कर्म पर विश्वास करने में है। उन्होंने त्याग के महत्व पर जोर देते हुए रामकथा को जीवन की आध्यात्मिक ऊर्जा बताया। श्रोताओं से पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता और मानवीय मूल्यों की रक्षा का संकल्प भी दिलाया गया।

कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटी और लोगों ने देश, समाज तथा संस्कृति के प्रति समर्पण का वादा किया। कुमार विश्वास की कथा न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक मूल्यों को भी प्रेरित करने वाली साबित हो रही है।

रामकथा के माध्यम से कुमार विश्वास ने एक बार फिर साबित किया कि प्राचीन ग्रंथ आज भी जीवन को दिशा दे सकते हैं। ऐसे आयोजन संस्कृति और आध्यात्म को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।