वीबी जी राम जी योजना: मनरेगा की जगह अब 125 दिन का रोजगार गारंटी, एटा में चला जागरुकता अभियान

एटा : केंद्र सरकार की नई ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को अब 100 दिनों की बजाय 125 दिनों का रोजगार गारंटी मिलेगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेने वाली इस योजना को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश में जागरुकता अभियान जोरों पर है। एटा जिले में भी अधिकारियों ने गांवों में चौपाल और बैठकें आयोजित कर मजदूरों को योजना की जानकारी दी।

वीबी जी राम जी योजना 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हो गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को मजबूत करना और विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करना है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों का अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, समय पर भुगतान और बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान भी मजबूत किया गया है।

एटा जिले में ब्लॉक स्तर पर विशेष जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। खंड विकास अधिकारियों और ग्राम रोजगार सेवकों ने गांवों में चौपाल लगाकर मजदूरों को जॉब कार्ड अपडेट कराने, योजना के लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी। ग्रामीणों ने इस बदलाव का स्वागत किया है और कहा कि अतिरिक्त 25 दिनों का रोजगार उनकी आय में बढ़ोतरी करेगा। जिला प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि सभी पात्र मजदूरों तक योजना की पहुंच सुनिश्चित हो।

उत्तर प्रदेश में अन्य जिलों जैसे जौनपुर, सिद्धार्थनगर और लखनऊ में भी इसी तरह के अभियान चल रहे हैं। राज्य सरकार ने मजदूरी भुगतान को 15 दिनों से घटाकर 7 दिनों में करने का भी ऐलान किया है, जिससे मजदूरों को त्वरित राहत मिलेगी।

योजना में गांवों में आजीविका से जुड़ी गतिविधियां जैसे पशुपालन, कुटीर उद्योग और अवसंरचना विकास को भी शामिल किया गया है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। प्रशासन ने अपील की है कि मजदूर अपने जॉब कार्ड चेक करें और जरूरत पड़ने पर नया आवेदन करें।