वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संस्थापक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की 164वीं जयंती (25 दिसंबर 2025) को परिसर में बड़े उत्साह और श्रद्धा से मनाया गया। छात्र-छात्राएं उन्हें अपने अभिभावक और मार्गदर्शक की तरह पूजते हैं, क्योंकि महामना ने ही इस विश्वविद्यालय की नींव रखी थी। जयंती समारोह में फूलों की भव्य प्रदर्शनी, दीपोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक मंचन जैसे आयोजन हुए, जो महामना के जीवन और योगदान को याद करने का माध्यम बने।
इस बार मालवीय स्मृति पुष्प प्रदर्शनी का थीम महाकुंभ और चंद्रयान मिशन पर आधारित था। मालवीय भवन में तीन दिवसीय (25 से 27 दिसंबर) प्रदर्शनी में रंग-बिरंगे फूलों से सजी आकर्षक व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। परिसर में मालवीय दीपावली मनाई गई, जहां हजारों दीप जलाए गए और स्काई लैंटर्न छोड़े गए। रंगशाला में महामना के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन हुआ, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।
पुष्प प्रदर्शनी और दीपोत्सव की भव्यता
छात्रों ने कहा कि महामना हमारे लिए पिता तुल्य हैं, जिन्होंने शिक्षा की ज्योति जलाकर देश को नई दिशा दी। विश्वविद्यालय में फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें महामना की बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने भी महामना को श्रद्धांजलि दी।
यह समारोह न केवल जयंती मनाने का अवसर था, बल्कि महामना के शिक्षा, स्वदेशी और राष्ट्रवाद के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी। BHU परिसर इन दिनों महामना की स्मृतियों से सराबोर है।