ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर BJP नाराज: पंकज चौधरी ने दी सख्त नसीहत, नकारात्मक राजनीति से रहें दूर

पंकज चौधरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाजपा में अनुशासन को लेकर बड़ी हलचल मच गई है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के ब्राह्मण विधायकों की हालिया बैठक पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को सख्त नसीहत दी कि वे जाति आधारित या नकारात्मक राजनीति से दूर रहें और पार्टी के सिद्धांतों से विचलित न हों। चौधरी ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी कोई बैठक हुई तो कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान कुशीनगर के भाजपा विधायक पीएन पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर करीब 35-40 ब्राह्मण विधायकों और एमएलसी की एक अनौपचारिक बैठक हुई। इसे ‘सहभोज’ का नाम दिया गया, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में इसे जाति विशेष की चर्चा से जोड़ा गया। बैठक में ब्राह्मण समाज की समस्याओं, सांस्कृतिक मुद्दों और पार्टी में प्रतिनिधित्व पर बातचीत हुई बताई जा रही है।

पंकज चौधरी ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा सिद्धांतों और आदर्शों पर आधारित दल है, जो किसी एक जाति या वर्ग की नहीं बल्कि सर्वस्पर्शी राजनीति करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित जनप्रतिनिधियों से बात कर उन्हें आगाह किया कि ऐसी गतिविधियां पार्टी की संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ हैं और समाज में गलत संदेश जाती हैं।

यह बैठक ऐसे समय हुई जब हाल ही में कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इससे ब्राह्मण नेताओं में असंतोष हो सकता है। पहले ठाकुर विधायकों की भी ऐसी बैठक हो चुकी है। विपक्ष ने इसे भाजपा की आंतरिक कलह करार दिया है, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे सामान्य सहभोज बताया।