यूपी में AI क्रांति की शुरुआत: लखनऊ और नोएडा को बनाया जाएगा हाईटेक AI सिटी, सीएम योगी के निर्देश पर काम शुरू

लखनऊ : उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो प्रमुख शहरों—लखनऊ और नोएडा—को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना पर तैयारी तेज हो गई है, जिसमें निजी कंपनियों के साथ मिलकर अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

यह फैसला सिफी टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन राजू वेगेस्ना की सीएम योगी से हालिया मुलाकात के बाद लिया गया। कंपनी ने लखनऊ और नोएडा में इंटीग्रेटेड AI कैंपस और डेटा हब बनाने की योजना प्रस्तुत की। सिफी पिछले पांच वर्षों में यूपी में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर चुकी है और अब AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ाएगी। गूगल और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ साझेदारी भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा होगी।

किन शहरों में बनेगी AI सिटी?

  • लखनऊ: राजधानी को देश की पहली पूर्ण विकसित AI सिटी बनाने का लक्ष्य। यहां AI इनोवेशन सेंटर, स्टार्टअप हब, डेटा सेंटर और रिसर्च फैसिलिटी विकसित की जाएंगी।
  • नोएडा: पहले से ही आईटी हब के रूप में मशहूर नोएडा को AI डेटा हब के तौर पर और मजबूत किया जाएगा।

योजना के प्रमुख फायदे

  • हजारों नई नौकरियां सृजन, खासकर युवाओं के लिए AI, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स में।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और गवर्नेंस जैसे सेक्टरों में AI का इस्तेमाल बढ़ेगा।
  • यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में मजबूत !
  • ग्लोबल टेक कंपनियों को आकर्षित करने के लिए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर।

सरकार का विजन
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। पहले से चल रही योजनाओं जैसे लखनऊ में टाटा ग्रुप की AI सिटी प्रस्ताव और अन्य निवेशों को इससे जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार निवेशकों को आसान नीतियां, पारदर्शिता और सुरक्षित माहौल मुहैया करा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उत्तर प्रदेश को बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों की बराबरी पर ला खड़ा करेगा। आने वाले महीनों में मास्टर प्लान और निवेशकों की मीटिंग्स से प्रोजेक्ट को और गति मिलेगी।