नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सर्दियों का मौसम प्रदूषण की मार झेल रहा है। 24 दिसंबर 2025 को शहर के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और अन्य मॉनिटरिंग एजेंसियों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ (Severe) कैटेगरी में आता है। कई स्टेशनों पर AQI 400 के पार पहुंच गया है, जिससे शहर पर धुंध की मोटी चादर छाई हुई है।
प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल, आसपास के राज्यों में पराली जलाना और ठंडे मौसम में हवा की कम गति शामिल हैं। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे फ्लाइट्स और ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ता खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण सांस की बीमारियों, आंखों में जलन और हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ावा देता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग ज्यादा जोखिम में हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनें, घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
सरकारी उपाय और सतर्कता
दिल्ली सरकार और CAQM ने GRAP के सख्त नियम लागू किए हैं, जिसमें पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण कार्य रोकना और स्कूलों में हाइब्रिड क्लासेस शामिल हैं। ‘No PUC, No Fuel’ अभियान भी जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कोहरे और प्रदूषण बने रहने की चेतावनी दी है।
दिल्लीवासियों से अपील है कि सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करें और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें। स्वच्छ हवा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।