बर्लिन में राहुल गांधी का तीखा हमला: भारत में लोकतंत्र पर ‘गंभीर खतरा’, आर्थिक मॉडल पूरी तरह फेल

जर्मनी : राजधानी बर्लिन में हर्टी स्कूल ऑफ गवर्नेंस में छात्रों और विशेषज्ञों से संवाद के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे पर चौतरफा हमला हो रहा है, संस्थाओं पर कब्जा कर लिया गया है और मौजूदा आर्थिक मॉडल पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।

राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा संविधान की उस मूल भावना को खत्म करना चाहती है, जो सभी राज्यों, भाषाओं और धर्मों को समान अधिकार देती है। उनका दावा है कि जांच एजेंसियां जैसे सीबीआई और ईडी को राजनीतिक हथियार बना दिया गया है। अगर कोई बड़ा उद्योगपति विपक्ष का समर्थन करने की कोशिश करता है तो उसे धमकियां मिलती हैं और एजेंसियां सक्रिय हो जाती हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए, हरियाणा विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अनियमितताएं हुईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आर्थिक मोर्चे पर राहुल ने मोदी सरकार की नीतियों को मनमोहन सिंह के मॉडल का विस्तार बताया, लेकिन कहा कि यह मॉडल अब आगे नहीं चल सकता और पूरी तरह विफल हो गया है। उन्होंने उत्पादन को लोकतंत्र का आधार बताते हुए चिंता जताई कि भारत और पश्चिम ने उत्पादन चीन को सौंप दिया, जिससे रोजगार और आर्थिक स्थिरता प्रभावित हुई। उनका मानना है कि बड़े का नियंत्रण बढ़ रहा है, छोटे-मध्यम व्यवसाय नष्ट हो रहे हैं और असली विकास रुक गया है।

राहुल ने भारतीय लोकतंत्र को वैश्विक संपदा बताया और कहा कि यहां हो रहा हमला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लोकतंत्र पर खतरा है। उन्होंने विपक्ष की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन जरूरत पड़ने पर एक साथ खड़ा होता है और भाजपा के खिलाफ मजबूत प्रतिरोध तैयार किया जा रहा है।

यह संवाद राहुल गांधी के जर्मनी दौरे का हिस्सा था, जहां उन्होंने भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात की। कांग्रेस ने इस संवाद का वीडियो जारी किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक हलकों में इस बयान से नई बहस छिड़ गई है, जहां विपक्ष इसे संस्थाओं की रक्षा का मुद्दा बता रहा है तो सत्ता पक्ष इसे विदेशी धरती पर देश की छवि खराब करने की कोशिश।