यूपी विधानसभा चुनाव 2027: कांग्रेस अकेले लड़ेगी या गठबंधन में? अविनाश पांडे ने साफ किया स्टैंड

यूपी : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और महासचिव अविनाश पांडे ने हाल ही में कहा कि कांग्रेस 403 विधानसभा सीटों में से सभी पर चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी का फोकस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर है, जहां अब तक 1.69 लाख बूथ-स्तरीय एजेंट नियुक्त किए जा चुके हैं और दो लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है।

अविनाश पांडे के मुताबिक, पार्टी ने विधानसभा सीटों को तीन कैटेगरी (ए, बी और सी) में विभाजित किया है, जिसमें मजबूत वोट बैंक वाली 200 सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने गठबंधन की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। पांडे ने कहा कि इंडिया गठबंधन के तहत सम्मानजनक और उपयुक्त सीट-शेयरिंग पर विचार किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल संगठन निर्माण और स्वतंत्र तैयारी प्राथमिकता है।

यह बयान बिहार चुनाव में मिली हार और यूपी पंचायत चुनाव में अकेले लड़ने के फैसले के बाद आया है। पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी से दूरी बनाते हुए स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरने का ऐलान किया था, जिसे 2027 की तैयारी से जोड़ा जा रहा है। पार्टी सूत्रों का मानना है कि अकेले लड़कर कार्यकर्ताओं को अधिक मौके देकर जनाधार बढ़ाया जा सकता है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी संगठन मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि 2027 में मजबूत प्रदर्शन का लक्ष्य है। पार्टी ने हाल में संगठन सृजन अभियान चलाया, जिसमें बूथ स्तर तक नई टीम गठित करने की योजना है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह रुख समाजवादी पार्टी के साथ सीट-शेयरिंग में मजबूत स्थिति बनाने की रणनीति का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव में गठबंधन सफल रहा, लेकिन राज्य स्तर पर कांग्रेस अपनी ताकत दिखाना चाहती है। अब नजर इस पर है कि इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे पर बात आगे बढ़ेगी या कांग्रेस स्वतंत्र रास्ता अपनाएगी।