यूपी विधानसभा में ‘दो नमूने’ पर योगी-अखिलेश की तीखी नोकझोंक: कफ सिरप विवाद से भड़का हंगामा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को कोडीन युक्त कफ सिरप घोटाले पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई। योगी के ‘देश में दो नमूने’ वाले बयान ने सदन को हिला दिया, जिसके जवाब में सपा विधायकों ने वॉकआउट किया और अखिलेश ने सोशल मीडिया पर तीखा तंज कस दिया।

कोडीन कफ सिरप के अवैध वितरण पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा, “देश के अंदर दो नमूने घूम रहे हैं। एक दिल्ली में बैठता है, जो देश की बदनामी कराने बाहर भागता है, और दूसरा लखनऊ में। जब कोई चर्चा होती है तो ये तुरंत भाग खड़े होते हैं।” यह टिप्पणी बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर लगी। योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में इस सिरप से कोई मौत नहीं हुई है। सरकार ने 79 मुकदमे दर्ज किए, 225 लोगों को नामजद किया और 78 को गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ जांच कर रही है और समय आने पर बुलडोजर कार्रवाई भी होगी। उन्होंने 2016 में सपा सरकार द्वारा दिए गए लाइसेंस का भी जिक्र किया।

योगी के बयान पर सपा विधायकों में भारी आक्रोश फैल गया। उन्होंने सदन में जोरदार हंगामा किया और वॉकआउट कर दिया। सपा ने इसे संवैधानिक पदों की गरिमा के खिलाफ बताया। इसके ठीक 10 मिनट बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर पलटवार किया। उन्होंने लिखा, “आत्म-स्वीकृति! किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहां तक पहुंच जाएगी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग आपस में कुछ तो लोक-लाज रखें और मर्यादा की सीमा न लांघें। भाजपाई अपनी पार्टी के अंदर की खींचतानी को चौराहे पर न लाएं। कहीं कोई बुरा मान गया तो वापस जाना पड़ेगा।”

यह विवाद ऐसे समय भड़का जब सत्र में अनुपूरक बजट पेश किया गया और वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा हो रही थी। विपक्ष ने कफ सिरप घोटाले को राज्य में फैली नशे की समस्या का प्रतीक बताते हुए सरकार की नाकामी उजागर करने की कोशिश की। बीजेपी ने इसे विपक्ष की हताशा करार दिया, जबकि सपा ने इसे बीजेपी की आंतरिक कलह का इजहार बताया।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह नोकझोंक 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच सियासी ध्रुवीकरण को तेज कर सकती है। सत्र 24 दिसंबर तक चलेगा, जहां ऐसे मुद्दों पर बहस जारी रहने की संभावना है।