यूपी की सियासत में हलचल: प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पूर्व अध्यक्ष विनय कटियार से की मुलाकात, इस मुद्दे पर की चर्चा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाजपा में हाल ही में नए प्रदेश अध्यक्ष बने केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शुमार विनय कटियार से मुलाकात की है। यह बैठक दोनों कुर्मी समाज के दिग्गज नेताओं के बीच हुई, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई अटकलें लगा दी हैं। सूत्रों के अनुसार, मुलाकात में संगठनात्मक मजबूती, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी और ओबीसी वोट बैंक को एकजुट करने पर विस्तृत बातचीत हुई।

पंकज चौधरी को 14 दिसंबर को यूपी भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया था। वे कुर्मी समाज से आने वाले चौथे नेता हैं, जिन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। उनसे पहले विनय कटियार, ओम प्रकाश सिंह और स्वतंत्र देव सिंह इस पद पर रह चुके हैं। पार्टी की रणनीति में कुर्मी वोटर्स को मजबूत करने का स्पष्ट संकेत है, खासकर तब जब 2024 लोकसभा चुनाव में इस समुदाय का एक बड़ा हिस्सा समाजवादी पार्टी की ओर खिसक गया था।

विनय कटियार से मुलाकात को पार्टी के भीतर कुर्मी नेताओं की एकता का संदेश माना जा रहा है। कटियार ने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी और लंबे समय तक पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। नए अध्यक्ष चौधरी ने बैठक के बाद कहा कि पूर्व नेताओं का मार्गदर्शन संगठन को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने 2027 में फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का संकल्प दोहराया।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मुलाकात भाजपा की ओबीसी रणनीति का हिस्सा है। समाजवादी पार्टी की पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नीति की काट के रूप में भाजपा कुर्मी और अन्य गैर-यादव ओबीसी समुदायों पर फोकस कर रही है। पूर्वांचल में पंकज चौधरी की मजबूत पकड़ और कटियार जैसे दिग्गजों का समर्थन पार्टी को फायदा पहुंचा सकता है।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पार्टी संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी कर रही है। आने वाले दिनों में जिला स्तर से लेकर प्रकोष्ठों तक नई नियुक्तियां होने की संभावना है। भाजपा सूत्रों का दावा है कि नए नेतृत्व में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल से 2027 की राह आसान हो जाएगी।