हुमायूं कबीर ने लॉन्च की नई पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’, चुनाव चिह्न के लिए ‘टेबल’ को बनाया पहली पसंद

मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल की सियासत में नया मोड़ आ गया है। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार को मिर्जापुर में एक बड़ी जनसभा के बीच अपनी नई राजनीतिक पार्टी का औपचारिक ऐलान कर दिया। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी रखा गया है, जो आम जनता के विकास और हितों पर फोकस करने का दावा करती है।

हुमायूं कबीर ने पार्टी की घोषणा करते हुए कहा कि यह दल बंगाल की जनता का होगा और इसमें किसी भी समुदाय के लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी कम से कम 90 सीटें जीतेगी, जिससे सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। कबीर ने तृणमूल और बीजेपी दोनों को निशाना बनाते हुए कहा कि दोनों पार्टियां जनता के हितों की अनदेखी कर रही हैं।

चुनाव चिह्न को लेकर कबीर ने खुलासा किया कि उनकी पहली पसंद टेबल है, क्योंकि 2016 में निर्दलीय लड़ते समय इसी चिह्न पर उन्हें जनता का समर्थन मिला था। अगर चुनाव आयोग से टेबल नहीं मिला तो दूसरी पसंद जोड़ा गुलाब होगी। उन्होंने कहा कि चिह्न ऐसा होगा जो आम लोगों से जुड़ाव महसूस कराए।

यह घोषणा ऐसे समय हुई जब कबीर को बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मुर्शिदाबाद में मस्जिद बनाने के विवाद के बाद तृणमूल से निलंबित किया गया था। कबीर ने विपक्षी दलों से गठबंधन की अपील की है, लेकिन जोड़कर कहा कि अगर कोई घमंड दिखाएगा तो अकेले सभी 294 सीटों पर लड़ेंगे।

पार्टी में हिंदू नेताओं को भी जगह देने का वादा किया गया है ताकि यह केवल एक समुदाय तक सीमित न लगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुर्शिदाबाद जैसे अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में यह नई पार्टी तृणमूल के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। आने वाले दिनों में पार्टी की संगठनात्मक संरचना और जिला स्तर के पदाधिकारियों के नाम भी घोषित किए जाएंगे।