बिहार के एजुकेशन सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव, सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा

पटन : बिहार में सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली में बड़ा सुधार आने वाला है। नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा (वोकेशनल ट्रेनिंग) दी जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों को छोटी उम्र से ही स्किल डेवलपमेंट से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

क्या होगा नया सिस्टम?
शिक्षा विभाग के अनुसार, कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इसमें बेसिक स्किल्स जैसे कारपेंटरी, गार्डनिंग, पॉटरी, क्राफ्ट और लोकल ट्रेड्स से जुड़ी ट्रेनिंग शामिल होगी। छात्रों को लोकल एक्सपर्ट्स के साथ इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। यह एक्सपोजर क्लास 6 से 8 तक दिया जाएगा, जबकि क्लास 9 से 12 तक फुल वोकेशनल कोर्स चलाए जाएंगे। राज्य में 1 करोड़ से ज्यादा युवाओं को एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग देने की बड़ी योजना का भी हिस्सा यह कदम है।

एनईपी का असर और फायदे
केंद्र की समग्र शिक्षा योजना के तहत पहले से ही क्लास 6-8 में वोकेशनल एक्सपोजर की व्यवस्था है, लेकिन बिहार अब इसे पूरे राज्य में लागू करने जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ड्रॉपआउट रेट कम होगा, छात्र पढ़ाई के साथ स्किल सीखेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों को स्किल हब बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

तैयारियां और चुनौतियां
विभाग ने स्कूलों में लैब और ट्रेनर्स की व्यवस्था के लिए प्लान तैयार किया है। कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जल्द पूरे राज्य में रोलआउट होगा। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनड टीचर्स की कमी चुनौती बनी हुई है, जिसे सरकार प्राथमिकता से दूर करने का दावा कर रही है।

यह बदलाव बिहार के शिक्षा सिस्टम को आधुनिक और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। अभिभावक और छात्रों में इसको लेकर उत्साह है।