लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सर्दी ने अपना पूरा रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई हिस्सों में घने से बहुत घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की है। अगले 48 घंटों यानी 21 और 22 दिसंबर तक यह स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
घने कोहरे का अलर्ट
आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों में सुबह और रात के समय दृश्यता काफी कम रह सकती है। कई जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे जा सकती है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर बड़ा असर पड़ेगा। लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज समेत 60 से ज्यादा जिलों में कोहरे की मोटी चादर छाने की संभावना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि जरूरी न हो तो सफर टालें और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
शीतलहर की दस्तक
राज्य के कई इलाकों में दिन का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे रहने वाला है, जिसे ‘कोल्ड डे’ की स्थिति कहा जा रहा है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे कम रह सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। ठंड से संबंधित बीमारियां बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।
प्रभावित क्षेत्र और सलाह
- पश्चिमी यूपी: सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, आगरा जैसे इलाकों में कोहरा सबसे घना रहेगा।
- पूर्वी यूपी: वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज में शीतलहर का असर ज्यादा।
- प्रशासन ने हाईवे पर स्पीड लिमिट का पालन करने, फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करने और ट्रेन-फ्लाइट की जानकारी पहले चेक करने की अपील की है। कुछ जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव की भी संभावना है।
यह मौसमी स्थिति उत्तर भारत में चल रही ठंड की लहर का हिस्सा है, जो पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से और तेज हो रही है। आईएमडी का कहना है कि 22 दिसंबर के बाद कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन तब तक सतर्क रहना जरूरी है। ठंड से बचाव के लिए गरम कपड़े, हीटर और गर्म पेय का सहारा लें।