यूपी: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा के विरोध में वाराणसी में प्रदर्शन, मोहम्मद यूनुस का फूंका पुतला

वाराणसी : बांग्लादेश में जारी अराजकता और अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। शनिवार को विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में लमही क्षेत्र में सुबह से भवन से प्रेमचंद स्मृति द्वार तक आक्रोश मार्च निकाला गया।

पुतला दहन और नारे
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के अंतरिम सरकार प्रमुख मोहम्मद यूनुस का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। साथ ही जोरदार नारे लगाए गए, जैसे – “बांग्लादेशी घुसपैठियों को भगाओ, उनके समर्थकों को जेल भेजो”, “मोहम्मद यूनुस हत्यारा है, बांग्लादेश को सभी मदद बंद करो”, “यूनुस पाकिस्तान का कठपुतली है” और “बांग्लादेश को मदद देना सांप को दूध पिलाने जैसा है”।

प्रदर्शन में मुस्लिम महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नजमा परवीन और नाजनीन अंसारी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या और मंदिरों पर हमले निंदनीय हैं। उन्होंने यूनुस को पाकिस्तान का एजेंट बताते हुए नोबेल पुरस्कार वापस लेने और भारत सरकार से सैन्य कार्रवाई की मांग की।

बांग्लादेश की पृष्ठभूमि
यह प्रदर्शन बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा के बीच आया है। हादी की हत्या के विरोध में ढाका समेत कई शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई, जिसमें एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव जला दिया। अंतरिम सरकार ने इसकी निंदा की है, लेकिन हालात नियंत्रण में नहीं आ रहे।

प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से बांग्लादेश पर दबाव बनाने, व्यापारिक संबंध कम करने और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीगुरुजी ने यूनुस को मानवता के खिलाफ अपराधी बताया।
वाराणसी में यह प्रदर्शन बांग्लादेश की बढ़ती अराजकता के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध का हिस्सा है। लोग एकजुट होकर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रोकने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मार्च पर नजर रखी और शांतिपूर्ण रहा।