वाराणसी : उत्तर भारत में सर्दी के साथ घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में दृश्यता बेहद कम होने से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालांकि रेलवे ने सीजन के लिए पहले से कुछ ट्रेनें रद्द की हैं, लेकिन दिसंबर के मध्य में कोहरे की मार से ज्यादातर ट्रेनें देरी से चल रही हैं। हावड़ा और दिल्ली रूट की ट्रेनों की रफ्तार सबसे ज्यादा थमी हुई है।
ट्रेनों पर कोहरे का असर
वाराणसी कैंट, बनारस और मंडुआडीह स्टेशनों पर आने-जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें 5 से 10 घंटे तक लेट हो रही हैं। उदाहरण के लिए:
- नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस कई बार 8-9 घंटे देरी से पहुंची।
- शिवगंगा एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और महाकाल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें 7-10 घंटे लेट रहीं।
- हावड़ा रूट की विभूति एक्सप्रेस और मरूधर एक्सप्रेस भी घंटों की देरी का शिकार बनीं।
- कुछ मामलों में वाराणसी-बहराइच इंटरसिटी और सारनाथ एक्सप्रेस जैसे रूट पर ट्रेनें अस्थायी रूप से प्रभावित हुईं।
कोहरे के कारण सिग्नल देखने में दिक्कत और कम विजिबिलिटी से ट्रेनों की स्पीड कम करनी पड़ रही है, जिससे चेन रिएक्शन में देरी बढ़ती जा रही है।
हवाई यातायात भी ठप
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (बाबतपुर) पर कोहरे ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है। हाल के दिनों में 14 से 30 तक फ्लाइट्स रद्द हुईं, जबकि कई उड़ानें घंटों लेट रहीं। दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों की फ्लाइट्स सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
रेलवे की तैयारी और सलाह
रेलवे ने सर्दी के लिए पहले से कई लंबी दूरी की ट्रेनें (जैसे हावड़ा-देहरादून उपासना, मालदा-दिल्ली आदि) दिसंबर से फरवरी तक रद्द कर दी हैं, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो। बाकी ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाए गए हैं, लेकिन घना कोहरा होने पर देरी अपरिहार्य है। यात्रियों से अपील है कि एनटीईएस ऐप या 139 पर ट्रेन स्टेटस चेक करें और जरूरी यात्रा ही करें।