यूपी लेखपाल भर्ती में OBC आरक्षण पर बवाल: ओपी राजभर की पार्टी ने सीएम योगी को लिखा पत्र, तीन प्रमुख मांगें रखीं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राजस्व लेखपाल की 7994 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होते ही आरक्षण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एनडीए सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय का आरोप लगाया है। पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर की अगुवाई वाली इस कार्रवाई से सियासी हलचल तेज हो गई है।

पत्र में मुख्य रूप से तीन मांगें उठाई गई हैं:

  • पूर्ण 27% ओबीसी आरक्षण लागू करना: कुल 7994 पदों पर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के अनुसार 2158 पद आरक्षित होने चाहिए, लेकिन विज्ञापन में सिर्फ 1441 पद दिखाए गए हैं, जो करीब 717 पदों की कमी है। इसे तुरंत सुधारकर ओबीसी उम्मीदवारों को पूरा हक दिया जाए।
  • केवल ओबीसी में कटौती का स्पष्टीकरण: अन्य श्रेणियों (एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस) में कोई कमी नहीं की गई, सिर्फ ओबीसी कोटे में ही कटौती क्यों? अगर कोई तकनीकी या प्रशासनिक वजह है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।
  • ओबीसी युवाओं के साथ न्याय: यह कटौती प्रदेश के ओबीसी वर्ग के लाखों बेरोजगार युवाओं के साथ बड़ा अन्याय है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतते हुए आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार पर ‘आरक्षण घोटाला’ का आरोप लगाया है, जबकि सीएम योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आरक्षण रोस्टर में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। राजस्व परिषद को संशोधित पद विवरण एक सप्ताह में भेजने को कहा गया है।

ओपी राजभर लंबे समय से ओबीसी आरक्षण में उप-वर्गीकरण की मांग करते रहे हैं, लेकिन इस बार लेखपाल भर्ती में सीधी कटौती पर उनकी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। इससे एनडीए के अंदर भी चर्चा तेज है, क्योंकि ओबीसी वोटबैंक यूपी की सियासत में निर्णायक भूमिका निभाता है। भर्ती प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।